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पंजाब: धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों की खैर नहीं, कैबिनेट ने बनाया उम्रकैद दिलाने वाला कानून

 Reported By: Puneet Pareenja, Edited By: Shakti Singh
 Published : Jul 14, 2025 05:42 pm IST,  Updated : Jul 14, 2025 05:42 pm IST

धार्मिक ग्रंथ से संबंधित बेअदबी का आरोपी पाए जाने पर न्यूनतम 10 साल की जेल का प्रस्ताव है, जिसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकता है।

Punjab law- India TV Hindi
पंजाब में बेअदबी पर नया कानून Image Source : PTI

पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों को अब उम्रकैद की सजा भी दी जा सकती है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुआई में कैबिनेट बैठक के दौरान इस कानून को मंजूरी दी। कानून का जो ड्राफ्ट तैयार किया गया है उसके तहत इसका नाम (द पंजाब प्रेवेंसन ऑफ फॉफेंसेस अगेंस्ट होली स्क्रिप्चर एक्ट, 2025) रखा गया है। इस ड्राफ्ट में किसी भी धर्म या धार्मिक ग्रंथ से संबंधित बेअदबी का आरोपी पाए जाने पर न्यूनतम 10 साल की जेल का प्रस्ताव है, जिसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकता है। अगर आरोपी नाबालिग है तो माता-पिता को भी पक्ष बनाया जाएगा। 

ड्राफ्ट के अनुसार इसके साथ ही पवित्र ग्रंथ की बेअदबी और धार्मिक ग्रंथों को नुकसान पहुंचाने  के ‘प्रयास’ के लिए 3-5 साल की जेल का प्रावधान किया गया हैं ।

माता-पिता के लिए छूट का प्रावधान

बेअदबी विरोधी कानून का उद्देश्य माता-पिता या अभिभावकों को, जो 'जानबूझकर या अन्यथा आरोपी बालक या मानसिक विक्षिप्त या विकलांग व्यक्ति" को नियंत्रित करने और प्रबंधित करने के अपने कर्तव्य को पूरा करने में चूक जाते हैं या विफल हो जाते है उन्हें आरोपी माने जाने का प्रावधान भी ड्राफ्ट में किया गया हैं ।

उम्रकैद हुई तो नहीं मिलेगी जमानत

मसौदा प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि ऐसा अपराध सांप्रदायिक दंगों को भड़काता है, जिससे मानव जीवन की हानि होती है या सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान होता है, तो सजा 20 वर्ष से लेकर शेष प्राकृतिक जीवन तक हो सकती है, साथ ही 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। अधिकतम सजा पाने वाले या जुर्माना ना भरने वालों के लिए पैरोल या फरलो का कोई प्रावधान नहीं है।

ग्रंथी-सेवादारों के लिए सख्त कानून

यदि ग्रंथी, पाठी सिंह, सेवादार, रागी, ढाडी, प्रबंधक, पंडित, पुरोहित, मौलवी या पादरी, जिन्हें अपने पवित्र धर्मग्रंथों से संबंधित धार्मिक कर्तव्यों का पालन करने के लिए नियुक्त किया जाता है। वह इस कानून के तहत किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो उन्हें उस श्रेणी के अपराध के लिए निर्धारित की गई अधिकतम सजा मिलेगी।

विशेष सत्र में ही तैयार किया मसौदा

इस कानून के तहत बेअदबी की साजिश रचने वालों या इसे भड़काने वालों पर भी मुकदमा चलाया जाएगा, साथ ही उन लोगों पर भी मुकदमा चलाया जाएगा जो धार्मिक पूजा या धार्मिक समारोहों में बाधा डालते हैं, या उन्हें परेशान करते हैं। प्रस्तावित अधिनियम का मसौदा इस विधानसभा के जारी विशेष सत्र के दौरान ही तैयार किया गया है।

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