चंडीगढ़: पंजाब के वित्त, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के नेतृत्व में, पंजाब राजस्व विकास में शानदार उपलब्धियों के लिए देश के शीर्ष तीन राज्यों में उभरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की वित्तीय कार्यप्रदर्शन संरचनात्मक सुधार, वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को दर्शाता है। यहां पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब की वित्तीय सेहत में आए इस निर्णायक बदलाव को उजागर करने के लिए विस्तृत आंकड़े पेश किए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘पंजाब के अपने कर राजस्व में भारी वृद्धि हुई है, जो कि 2021-22 में कुल राज्य घरेलू उत्पाद (जी.एस.डी.पी.) का 6.39 प्रतिशत यानी 37,327 करोड़ रुपये था, वह बढ़कर 2024-25 में 57,919 करोड़ रुपये हो गया है, जो कि कुल राज्य घरेलू उत्पाद का 7.15 प्रतिशत बनता है।’ आबकारी प्राप्ति के आंकड़े पेश करते हुए आबकारी और कर मंत्री ने बताया कि आबकारी राजस्व में चार वर्षों से भी कम समय में 86.77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
जीएसटी को लेकर मंत्री ने कही ये बात
जीएसटी प्रणाली के तहत कार्यप्रदर्शन को उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जीएसटी प्राप्ति में भी ऐसी ही सफलता दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आप सरकार द्वारा जनवरी 2026 तक 83,739 करोड़ रुपये प्राप्त किए गए हैं, जिससे वार्षिक औसत बढ़कर 21,845 करोड़ रुपये हो गई है। राज्य जी.एस.टी. राजस्व, जो कि 2021-22 में 15,542 करोड़ रुपये था, 2025-26 में 26,500 करोड़ को पार करने का अनुमान है। जी.एस.टी. 2.0 के तहत तर्कसंगत होने के बावजूद, राज्य ने अपने जी.एस.टी. राजस्व में 70.50 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की है।’
स्टांप ड्यूटी से राजस्व में भी ऐतिहासिक वृद्धि
जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्रियों के बारे में बात करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि स्टांप ड्यूटी से राजस्व में भी ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने जनवरी 2026 तक 19,515 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं, जिसकी वार्षिक औसत 5,091 करोड़ रुपये है। यह दर्शाता है कि सिर्फ चार वर्षों में, आप सरकार ने पिछली सरकारों के पांच वर्षों के कार्यकालों से 60 फीसदी अधिक स्टांप ड्यूटी प्राप्त की है।
सरकार का कर्ज कम किया
विरासत में मिले कर्ज के बोझ के बारे में बोलते हुए, वित्त मंत्री ने दावा किया, “आप सरकार को विरासत में लगभग 3,00,000 करोड़ रुपये का कर्ज मिला है। इस भारी ऐतिहासिक बोझ के कारण, लिए गए नए कर्जों का 35 फीसदी हिस्सा सिर्फ पिछली सरकारों द्वारा छोड़ी गई देनदारियों को चुकता करने के लिए इस्तेमाल होता है। कर्ज का और 50 फीसदी हिस्सा पुराने कर्जों पर ब्याज देने में चला जाता है। नतीजे के रूप में, उधार लिए गए फंडों का 15 फीसदी से भी कम हिस्सा वास्तव में ‘आप’ सरकार को राज्य के विकास के लिए इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध होता है।’
उन्होंने कहा कि इन हालातों के बावजूद मौजूदा सरकार ने कर्ज से कुल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुपात को 48.25 प्रतिशत से घटाकर 44.47 प्रतिशत कर दिया है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “आप सरकार ने वेतन आयोग को लागू करने के लिए 7,000 से 8,000 करोड़ रुपये रखे और 2016 से 2021 तक लंबित वेतन आयोग के 14,191 करोड़ रुपये के बकाए क्लियर किए जा रहे हैं। इसके अलावा, पनस्प, लैंड मार्टगेज बैंक, पी.एस.आई.डी.सी. और मंडी बोर्ड जैसी वित्तीय रूप से संकटग्रस्त सरकारी संस्थाओं को बचाने के लिए 2,566 करोड़ रुपये मुहैया करवाए गए।’
गारंटी रिडेम्पशन फंड में बड़ा निवेश
लंबे समय के वित्तीय सुरक्षा उपायों की रूपरेखा उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘आप सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक में रखे गए कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड और गारंटी रिडेम्पशन फंड में बड़ा निवेश किया है। 31 मार्च 2022 तक, राज्य के पास कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड में सिर्फ 3,027 करोड़ रुपये थे और गारंटी रिडेम्पशन फंड में कुछ भी नहीं था। दिसंबर 2025 तक, ये रिजर्व फंड बढ़कर कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड में 10,738 करोड़ रुपये और गारंटी रिडेम्पशन फंड में 982 करोड़ रुपये हो गए हैं, जिससे कुल राशि 11,720 करोड़ रुपये हो गई है।’
वित्त मंत्री ने आगे कहा, “यह 8,693 करोड़ के कुल वृद्धि को दर्शाता है, जो कि चार वर्षों से भी कम समय में 287 प्रतिशत की शानदार वृद्धि है। यह अग्रिम निवेश किसी भी अचानक आने वाले वित्तीय संकट के खिलाफ एक बचाव के रूप में काम करता है और राज्य के कर्ज को योजनाबद्ध ढंग से चुकाने में मदद करता है।’
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये वित्तीय सुधार केंद्रीय सहायता में भारी गिरावट के बावजूद प्राप्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को जनवरी 2026 तक राजस्व घाटा अनुदान में सिर्फ 15,887 करोड़ रुपये और जी.एस.टी. मुआवजे में 11,945 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो कुल 27,832 करोड़ रुपये बनते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार को पिछली सरकार की तुलना में राजस्व घाटा अनुदान और जी.एस.टी. मुआवजे में 62 प्रतिशत कम राशि मिली है, और अब ये अनुदान पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।
बैंकिंग धोखाधड़ी से निपटने के लिए ‘ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम’ लागू
प्रेस कॉन्फ्रेंस की समाप्ति करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खजाने के कामकाज में पारदर्शिता और कुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए डिजिटल और प्रशासनिक सुधारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग ने पूरी पेंशन वितरण प्रणाली को डिजिटल करने के लिए ‘पेंशन सेवा पोर्टल’ की शुरुआत की है और बैंकिंग धोखाधड़ी से निपटने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम’ लागू किया है। उन्होंने कहा, “इसके अलावा, राज्य ने एस.एन.ए.-स्पर्श पहलकदमी के माध्यम से योजनाओं को प्रभावी ढंग से डिजिटाइज करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में 800 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त करके एक बड़ा मील पत्थर हासिल किया है।”