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26 साल की पायल और 19 साल की ज्योति; दो नई मांओं की सिजेरियन के बाद मौत, 4 की हालत अब भी गंभीर

 Published : May 07, 2026 10:32 pm IST,  Updated : May 07, 2026 10:33 pm IST

कोटा NMCH में सिजेरियन डिलीवरी के बाद लगातार दो मौतों से हड़कंप मच गया है। अस्पताल में 12 गर्भवती महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी कराई गई, उनमें से 6 की हालत बिगड़ गई। उनका ब्लड प्रेशर लो हो गया, प्लेटलेटस गिरने लगी और यूरिन आना बंद हो गया।

प्रतीकात्मक तस्वीर- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : FREEPIK

राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान संक्रमित एक और महिला की गुरुवार सुबह मौत हो गई। वहीं, सिजेरियन डिलीवरी के बाद संक्रमित 4 अन्य महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर स्थानांतरित किया जा रहा है।

प्लेटलेटस गिरने लगी, यूरिन आना बंद

सोमवार शाम को अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कम से कम 6 महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। उनका ब्लड प्रेशर लो हो गया, प्लेटलेटस गिरने लगी और यूरिन आना बंद हो गया। उनमें से एक की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।

डॉक्टर ने क्या बताया?

कोटा के एनएमसीएच में अपर अधीक्षक डॉ. आर पी मीना ने बताया कि कोटा निवासी 19 वर्षीय ज्योति नायक की गुरुवार सुबह इलाज के दौरान इंफेक्शन से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह पांचों संक्रमित महिलाओं को गुर्दा रोग वार्ड में भर्ती कराए जाने के बाद से ज्योति की हालत सबसे गंभीर थी। गुरुवार को जब उनकी हालत और बिगड़ी तो उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। पूर्वाह्न करीब 10:30 बजे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि बाकी चार संक्रमित महिलाओं की हालत गंभीर है और उन्हें गुर्दा संबंधी गंभीर समस्या है। 

NICU में है नवजात

डॉ. मीना ने बताया कि ज्योति पहली बार मां बनी थी और उसका नवजात शिशु, साथ ही चार अन्य NICU में चिकित्सकीय निगरानी में हैं और सभी स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज से डॉ. निहार शर्मा (एनेस्थीसिया), डॉ. सुनील कुमार महावर (मेडिसिन), डॉ. पवन अग्रवाल (स्त्री रोग) और डॉ. संजीव कुमार शर्मा (गुर्दा रोग) सहित विशेषज्ञों की एक टीम बुधवार रात को कोटा पहुंची और संक्रमित महिलाओं के बेहतर इलाज के लिए यहां की मेडिकल टीमों के साथ समन्वय और सहायता कर रही है।

पति बोला- जब तक न्याय नहीं मिलता, शव नहीं ले जाऊंगा

इस बीच, ज्योति के परिजनों ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है और मेडिकल कॉलेज परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। पति रवि और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे। रवि ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी और पांच अन्य महिलाओं को दवा की गलत खुराक दी गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और दो महिलाओं की मौत हो गई। उन्होंने कहा, ''जब तक न्याय नहीं मिल जाता, मैं उसका शव अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाऊंगा।''

26 साल की पायल की मंगलवार को हुई थी मौत

अस्पताल में सोमवार शाम को लगभग 12 गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन के जरिये डिलीवरी कराई गई और सर्जरी के 8-12 घंटे बाद, उनमें से  6 की हालत बिगड़ गई, उनके ब्लड प्रेशन, प्लेटलेट्स में गिरावट आई और यूरिन ना आने की समस्या हो गई। इन 6 महिलाओं को मंगलवार तड़के गुर्दा रोग वार्ड में भर्ती कराया गया। इनमें से एक महिला, जिसकी पहचान पायल (26) के रूप में हुई, की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज का दौरा किया और प्रभावित महिलाओं के इलाज की जानकारी ली। इस बीच, कोटा जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। 

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