जोधपुर: नाबालिग गुरुकुल छात्रा से यौन शोषण के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की पैरोल सोमवार को समाप्त हो गई। पैरोल अवधि पूरी होने के बाद आसाराम एयर एंबुलेंस से इंदौर से जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से उन्हें सीधे जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया, लेकिन देर रात जेल पहुंचने के कारण उनकी वापसी का मामला उलझ गया। वहीं, जेल प्रशासन ने आसाराम के खिलाफ पैरोल समाप्त होने पर भी जेल में सरेंडर नही करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है।
देर रात जेल पहुंचने पर क्यों नहीं मिली एंट्री?
जानकारी के अनुसार, आसाराम रात करीब 11 बजे जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचे। जेल अधीक्षक के आदेश के अनुसार उन्हें सूर्यास्त तक जेल में प्रवेश करना था। निर्धारित समय के बाद पहुंचने के कारण जेल प्रशासन ने उन्हें तत्काल अंदर नहीं लिया। इसके बाद आसाराम एंबुलेंस में सवार होकर सेंट्रल जेल से बाहर निकल गए। इस घटनाक्रम के दौरान जेल के बाहर उनके भक्तों और समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही।
जेल मैनुअल के अनुसार प्रवेश की प्रक्रिया
जेल प्रशासन की ओर से जेल मैनुअल के तहत ही बंदियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। बताया जा रहा है कि सूर्यास्त के बाद बंदी को जेल में लेने से संबंधित नियमों के चलते आसाराम की देर रात वापसी पर पेच फंस गया। हालांकि, इस मामले में जेल प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

पैरोल खत्म, अब आगे क्या होगा?
बता दें कि आसाराम को उपचार के लिए 6 अक्टूबर को 20 दिन की पैरोल मिली थी। पैरोल की अवधि मंगलवार को समाप्त हो गई, उसे शाम पांच बजे तक सरेंडर करना था। आसाराम की पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद उनकी जेल वापसी जरूरी थी। लेकिन देर रात पहुंचने और प्रवेश नहीं मिलने से सवाल उठने लगे कि अब उन्हें दोबारा जेल में कब और किस प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा। जेल के बाहर मौजूद समर्थक भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे।
जेल प्रशासन की ओर से जेल प्रहरी बनवारीलाल ने रातानाडा थाने में आसाराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। आरोप है कि 20 दिवस की पैरोल समाप्त होने केबाद भी आसाराम ने जेल में सरेंडर नही किया। अब कानून की नजर में आसाराम पैरोल से फरार भगोड़ा है जिसकी रातानाडा थाना पुलिस तलाश कर रही है।
इसका क्या होगा असर?
समय पर जेल नही पहुंचने पर आसाराम के खिलाफ जोधपुर के रातानाडा थाने में कारागार अधिनियम की धारा 58 ख के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके तहत बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार किया जा सकता है। इसमें 3 वर्ष तक की सजा व 3000 रुपये के आर्थिक दण्ड का प्रावधान है। ऐसे रिकॉर्ड के कारण आसाराम द्वारा कोर्ट में पेश की जाने वाली आगामी अर्जियों पर भी असर पड़ेंगा।
(रिपोर्ट- चंद्रशेखर व्यास)
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