पाकिस्तान से जुड़े जासूसी के एक मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए राजस्थान पुलिस की CID (इंटेलिजेंस) ने बुधवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एक फंडिंग एजेंट को गिरफ़्तार किया। इस गिरफ़्तारी से उस अहम फाइनेंशियल नेटवर्क का पता चला है। इसका इस्तेमाल देश-विरोधी जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक पैसा पहुंचाने के लिए किया जाता था। पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि यह गिरफ़्तारी जनवरी 2026 में 'ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923' के तहत दर्ज एक मामले से जुड़ी है।
इससे पहले जैसलमेर के रहने वाले झाबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ में इंडियन एयर फ़ोर्स स्टेशन पर तैनात MTS कर्मचारी सुमित कुमार को ISI हैंडलर्स को भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी देने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था।
दो जासूस पहले किए गए थे गिरफ्तार
ADG इंटेलिजेंस प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि सीआईडी इंटेलिजेंस ने जनवरी 2026 में शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के तहत दर्ज प्रकरण में जैसलमेर निवासी झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर एमटीएस पद पर कार्यरत सुमित कुमार को भारतीय सेना से संबंधित गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलरों तक पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
मामले की गहन जांच के दौरान सामने आया कि दोनों आरोपियों को आईएसआई की ओर से जासूसी के बदले धनराशि महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख के माध्यम से भेजी गई थी। जांच को आगे बढ़ाते हुए सीआईडी इंटेलिजेंस) ने रफीक चांद शेख से पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि वह पिछले लगभग चार वर्षों से आईएसआई के एक हैंडलर के संपर्क में था।
फंडिंग एजेंट की हो रही जांच
सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े इस नेटवर्क के निर्देश पर उसने अपने नाम और अन्य व्यक्तियों के नाम से अलग-अलग बैंक खाते खुलवाकर जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक धनराशि पहुंचाई। जांच में यह प्रमाणित होने पर कि रफीक चांद शेख पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के फंडिंग एजेंट के रूप में कार्य कर रहा था। सीआईडी इंटेलिजेंस राजस्थान ने 30 जून 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया। ADG ने बताया की प्रकरण में अनुसंधान जारी है और आईएसआई के इस वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है। राजस्थान पुलिस देश की सुरक्षा के विरुद्ध कार्य करने वाले तत्वों के खिलाफ सतत निगरानी रखते हुए ऐसी गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई जारी रखे हुए है।