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Jaipur News: अस्पताल में बदल गए बच्चे, बेटा लेने को सब राजी लेकिन बेटी नहीं, अब होगा DNA टेस्ट

 Published : Sep 08, 2022 05:52 pm IST,  Updated : Sep 08, 2022 05:52 pm IST

Jaipur News: गलती से बेटा और बेटी की अदला-बदली हो गई है लेकिन अब दो परिवारों के बीच बेटे की चाह को लेकर जंग शुरू हो गई है। विवाद इतना बढ़ गया है कि माता-पिता की पहचान के लिए अब DNA टेस्ट कराया जाएगा।

Newborn Babies- India TV Hindi
Newborn Babies Image Source : REPRESENTATIONAL IMAGE

Highlights

  • जयपुर के अस्पताल में हुई बच्चों की अदला-बदली
  • बेटे को अपनाने के लिए दोनों मां तैयार लेकिन बेटी को नहीं
  • परिजनों की मांग पर अब पुलिस कराएगी DNA टेस्ट

Jaipur News: जयपुर के सांगानेरी गेट इलाके के एक महिला अस्पताल में प्रशासन की कथित लापरवाही के चलते बच्चों की अदला-बदली का मामला सामने आया है। सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय प्रशासन की मानें तो गलती से बेटा और बेटी की अदला-बदली हो गई है लेकिन अब दो परिवारों के बीच बेटे की चाह को लेकर जंग शुरू हो गई है। विवाद इतना बढ़ गया है कि माता-पिता की पहचान के लिए अब DNA टेस्ट कराया जाएगा। इस बीच नवजात बच्चों को अस्पताल प्रशासन की निगरानी में नर्सरी में रखा गया है और उन्हें मदर मिल्क बैंक से दूध पिलाया जा रहा है।

जानें, क्या है पूरा मामला

डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि कौन सा बच्चा किस माता-पिता का है। इस बीच, डॉक्टरों ने पुष्टि की कि यह पहला मामला है जब भ्रम को दूर करने के लिए डीएनए परीक्षण किया जा रहा है। अस्पताल सुप्रीटेंडेंट डॉ. आशा वर्मा ने कहा, "एक सितंबर को घाटगेट, जयपुर निवासी रेशमा और करौली निवासी निशा ने बच्चों को जन्म दिया। इसी बीच गलतफहमी के चलते दोनों बच्चों का आपस में आदान-प्रदान हो गया। तीन दिन बाद यानि 3 सितंबर को जब अस्पताल प्रशासन को अपनी गलती का अहसास हुआ तो उन्होंने परिजनों को इसकी सूचना दी। इस बात पर रेशमा के परिजन भड़क गए और उन्होंने बच्चे को लेने से इनकार कर दिया।"

ब्लड टेस्ट रिपोर्ट के बाद भी लड़की को अपनाने से इनकार
इस विवाद के बाद दोनों नवजात बच्चों को अस्पताल की नर्सरी में रखा गया और मामले को सुलझाने के लिए 6 डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई। शुरुआत में, अस्पताल प्रशासन ने बच्चों और उनके माता-पिता दोनों के ब्लड सैंपल लिए। इसकी जांच के आधार पर, यह पता चला कि लड़के की मां निशा है और लड़की की मां रेशमा है। लेकिन रेशमा के परिवार ने इस निष्कर्ष को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। जांच समिति ने फिर से ब्लड सैंपल का परीक्षण किया, और फिर भी, रिपोर्ट के आधार पर, लड़की रेशमा और निशा का लड़का निकला। हालांकि, इस बार भी रेशमा के परिवार के सदस्यों ने लड़की को अपनाने से इनकार कर दिया और एक डीएनए टेस्ट की मांग की।

पुलिस कराएगी DNA टेस्ट
अब, समिति ने डीएनए टेस्ट की सिफारिश की है। मामले को लालकोठी पुलिस स्टेशन भेज दिया गया है और डीएनए टेस्ट भी पुलिस द्वारा किया जाएगा। अन्य डॉक्टरों ने भी कहा है कि, विवाद को सुलझाने के लिए डीएनए टेस्ट ही एकमात्र विकल्प है। इस जांच की रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में मिलने की उम्मीद है। रेशमा की पहले से ही दो लड़कियां हैं, जबकि निशा एक लड़के की मां है।

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