1. Hindi News
  2. राजस्थान
  3. 15 दिन से पानी के लिए तरह रहा कांग्रेस सांसद का गांव, महिलाओं ने चक्का जाम कर सड़क पर फोड़े मटके

15 दिन से पानी के लिए तरह रहा कांग्रेस सांसद का गांव, महिलाओं ने चक्का जाम कर सड़क पर फोड़े मटके

 Written By: Shakti Singh
 Published : Jul 16, 2026 06:57 pm IST,  Updated : Jul 16, 2026 06:57 pm IST

कांग्रेस सांसद बृजेंद्र ओला के पैतृक गांव में पानी की कमी को लेकर महिलाओं ने चक्का जाम कर सड़क पर मटके फोड़े। प्रदर्शनकारियों ने 4 घंटे तक जमकर बवाल काटा। इस दौरान शिक्षक भर्ती परीक्षा देकर लौट रहे अभ्यर्थी भी फंस गए।

 matka- India TV Hindi
महिलाओं ने मटका फोड़कर विरोध जताया Image Source : REPORTER INPUT

राजस्थान के झुंझुनूं में सांसद बृजेंद्र ओला के पैतृक गांव अरडावता में गुरुवार को पेयजल संकट ने उग्र आंदोलन का रूप ले लिया। पिछले करीब 15 दिनों से पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। सुबह करीब 9 बजे सैकड़ों ग्रामीण गांव की सड़कों पर उतर आए और चिड़ावा–सुलताना–जयपुर मार्ग को तीन से चार स्थानों पर जाम कर दिया। प्रदर्शन करने वाले लोगों में बड़ी संख्या में गांव की महिलाएं शामिल थीं। महिलाओं ने बीच सड़क पर मटके फोड़कर जलदाय विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

करीब चार घंटे तक चले इस चक्का जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सबसे अधिक परेशानी आरपीएससी की सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा देकर लौट रहे अभ्यर्थियों को उठानी पड़ी, जो घंटों जाम में फंसे रहे।

15 दिन से नहीं आ रहा पानी

ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में पिछले 15 दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। कई मोहल्लों में नलों में पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद जलदाय विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने सड़क जाम कर आंदोलन शुरू कर दिया।

महिलाओं ने एईएन को घेरा

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन और जलदाय विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। चिड़ावा जलदाय विभाग की एईएन सविता चौधरी जैसे ही ग्रामीणों के बीच पहुंचीं, महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और विभाग की कार्यशैली पर जमकर नाराजगी जताई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन गांव की समस्या का समाधान नहीं किया जाता।

सांसद बृजेंद्र ओला के खिलाफ भी नाराजगी

ग्रामीणों ने इस दौरान सांसद बृजेंद्र ओला के प्रति भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि सांसद का पैतृक गांव होने के बावजूद यहां के लोगों को मूलभूत सुविधा पेयजल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सांसद के गांव का यह हाल है तो अन्य गांवों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी फंसे

आंदोलन के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी उन अभ्यर्थियों को हुई जो आरपीएससी सेकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा देकर लौट रहे थे। कई अभ्यर्थी घंटों तक जाम में फंसे रहे। कुछ लोगों ने रास्ते में डाले गए पत्थरों को हटाकर निकलने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोक दिया। इससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर चिड़ावा थाने से एसआई कैलाशचंद्र पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए नवनियुक्त चिड़ावा तहसीलदार नारायण राम दैया भी स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।

शुक्रवार तक समाधान के आश्वासन पर खुला जाम

जलदाय विभाग की एईएन सविता चौधरी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि शुक्रवार तक पेयजल समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई कर दी जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब चार घंटे बाद धरना और चक्काजाम समाप्त कर दिया तथा मार्ग पर यातायात सुचारु हो सका। आंदोलन समाप्त होने के बाद प्रशासन की ओर से एक सकारात्मक तस्वीर भी सामने आई। सड़क पर पड़े बड़े-बड़े पत्थरों को हटाने के लिए तहसीलदार नारायण राम दैया स्वयं आगे आए और अपने हाथों से पत्थर हटाने लगे। तहसीलदार को ऐसा करते देख गांव के युवा भी आगे आए और सभी ने मिलकर सड़क से पत्थर हटाकर यातायात बहाल कराया।

(झुंझुनूं से अमित शर्मा की रिपोर्ट)

यह भी पढ़ें-

पानी को लेकर गांव की महिलाओं ने सुनाई इतनी खरी-खोटी कि गाड़ी में बैठकर रोने लगीं महिला अधिकारी, सामने आया Video

32 साल पुराना यमुना जल विवाद खत्म, हरियाणा देगा हक का पानी, राजस्थान के 3 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। राजस्थान से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।