राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बिरमी गांव निवासी दलित युवक सुभाष मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को मृतक के परिजन व ग्रामीण बीडीके अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शन में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी शामिल रहे। आक्रोश इतना बढ़ गया कि कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए प्रदर्शनकारियों ने पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा गिरेबान तक पकड़ लिया। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
3 दिन से धरने पर अड़े परिजन, गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार से इनकार
बिरमी गांव के सुभाष मेघवाल की मौत को लेकर परिजन और ग्रामीण तीन दिन से झुंझुनूं के बीडीके जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक न शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा और न अंतिम संस्कार। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सुभाष की हत्या में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मृतक के परिवार को न्याय मिले।
दुबई से लौटा था सुभाष, होटल में हुई कहासुनी के बाद हुई मारपीट
परिजनों के अनुसार, सुभाष मेघवाल दुबई में नौकरी करता था और 5 मई को अपने गांव धनुरी लौटा था। 20 मई को उसकी वापसी थी, लेकिन 16 मई की रात वह धनुरी के रोहिड़ा बस स्टैंड स्थित एक होटल पर खाना खाने गया। वहीं त्रिलोका का बास निवासी मुकेश जाट से उसकी कहासुनी हो गई। होटल से निकलने के बाद मुकेश व अन्य ने उसका पीछा किया और बेरहमी से मारपीट की। सुभाष खून से लथपथ हालत में होटल के बाहर मिला, जिसे परिजनों ने तत्काल बीडीके अस्पताल में भर्ती करवाया।
18 मई को हालत गंभीर होने पर सुभाष को जयपुर रेफर किया गया। वहां से भी कोई सुधार नहीं होने पर उसे चौमूं के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां 25 मई की रात उसकी मौत हो गई।
पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा का आरोप- आंदोलन को कमजोर करने की साजिश
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी मौके पर मौजूद थे। जब कुछ युवक बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने लाठियां भांज दीं। गुढ़ा ने कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व जानबूझकर आंदोलन को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जब तक सुभाष के परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात, स्थिति अब नियंत्रण में
प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हालात पर काबू पा लिया गया। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
(रिपोर्ट- अमित शर्मा)
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