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बेटे की हत्या के 75 दिन बाद लकवाग्रस्त मां ने त्याग दिया अन्न, बोलीं- 'मर भी जाऊंगी तो परवाह नहीं'; 3 बहनें-दिव्यांग भाई भी भूख हड़ताल पर

 Written By: Khushbu Rawal @khushburawal2
 Published : Jul 21, 2026 03:56 pm IST,  Updated : Jul 21, 2026 04:02 pm IST

सिरोही जिले के पोसालिया निवासी चिंटू सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह हत्याकांड के 75 दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक 70 साल की लकवाग्रस्त मां न्याय के इंतजार में हैं। न्याय की मांग को लेकर मृतक की मां, तीनों बहनें और लकवाग्रस्त भांजा लगातार भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं।

मृतक की लकवाग्रस्त...- India TV Hindi
मृतक की लकवाग्रस्त मां और भांजा समेत परिवार भूख हड़ताल पर। Image Source : REPORTER INPUT

राजस्थान के सिरोही जिले के पोसालिया निवासी चिंटू सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह हत्याकांड में 75 दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी सहित 9 आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से मृतक का परिवार आक्रोशित है। न्याय की मांग को लेकर मृतक की 70 वर्षीय मां, तीनों बहनें और लकवाग्रस्त भांजा लगातार दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य गेट के बाहर रोजगार कार्यालय के सामने चल रहा यह धरना अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है।

70 साल की मां और भांजा दोनों लकवाग्रस्त

सबसे भावुक पहलू यह है कि भूख हड़ताल पर बैठी 70 वर्षीय मां और उनका भांजा दोनों ही लकवाग्रस्त हैं। शारीरिक रूप से बेहद कमजोर होने के बावजूद दोनों न्याय की उम्मीद में अन्न त्यागकर धरने पर बैठे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

'आश्वासनों नहीं, आरोपियों की गिरफ्तारी चाहिए'

मामले में शिवगंज पुलिस थाने में हत्या का प्रकरण दर्ज है और इसकी जांच शिवगंज सर्कल ऑफिसर (CO) पुष्पेंद्र वर्मा कर रहे हैं। परिजनों के आंदोलन के बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं और लगातार दबिश देने का दावा किया जा रहा है।

चिंटू सिंह हत्याकांड
Image Source : REPORTER INPUTचिंटू सिंह हत्याकांड

इधर, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने धरनास्थल पहुंचकर कई दौर की वार्ता के माध्यम से परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, उन्हें आरोपियों की गिरफ्तारी चाहिए।

'पुलिस नहीं पकड़ सकती तो हमें छूट दे दो'

धरने के दौरान मृतक की 70 वर्षीय मां की पीड़ा छलक पड़ी। उन्होंने भावुक होकर कहा, "अगर बेटे को न्याय दिलाने के लिए मेरी जान भी चली जाए तो मुझे उसकी कोई परवाह नहीं है।" वहीं तीनों बहनों में भी जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। एक बहन ने गुस्से में कहा, "अगर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकती तो हमें छूट दे दी जाए, उनसे निपटने की ताकत हम रखते हैं।"

परिजनों के इन भावुक और आक्रोशपूर्ण बयानों ने हत्याकांड में न्याय की मांग को और तेज कर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर 75 दिन से फरार मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक हो पाती है।

वहीं, आपको बता दें कि इससे एक दिन पहले राजस्थान के करौली से भी एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार के चार सदस्यों ने एक साथ जहर पी लिया। इस दर्दनाक घटना में माता-पिता और बड़े बेटे की मौत हो गई। जबकि छोटा बेटा गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती है।

(रिपोर्ट- विक्रम सिंह करणोत)

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