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सरकारी अफसर ले रहा था 3 लाख रुपये की रिश्वत, ACB ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Sep 04, 2026 02:54 pm IST,  Updated : Sep 04, 2026 02:54 pm IST

राजस्थान के अजमेर में ACB ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जॉइंट डायरेक्टर जयप्रकाश चरण को कथित तौर पर 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि संस्था का एग्रीमेंट लेटर जारी करने और बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी।

Rajasthan ACB, Ajmer Bribery Case- India TV Hindi
राजस्थान के अजमेर में ACB ने एक अधिकारी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। Image Source : INDIA TV

Highlights

  • अजमेर में 3 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते सोशल जस्टिस विभाग का जॉइंट डायरेक्टर गिरफ्तार हुआ।
  • संस्था का एग्रीमेंट लेटर जारी करने और बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
  • राजस्थान में पहले भी CMHO, हेड कांस्टेबल और अन्य कर्मचारियों पर ACB कार्रवाई कर चुकी है।

जयपुर: राजस्थान के अजमेर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जॉइंट डायरेक्टर जयप्रकाश चरण को 3 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के मुताबिक, आरोपी ने शिकायतकर्ता से उसकी संस्था के लिए एग्रीमेंट लेटर जारी करने और उसके बिल पास करने के बदले रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद ACB की जयपुर यूनिट ने मामले की पुष्टि की और जाल बिछाया था।

आरोपी अधिकारी से की जा रही पूछताछ

गुरुवार को कार्रवाई के दौरान जयप्रकाश चरण को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 3 लाख रुपये लेते हुए पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे जांच जारी है। ACB डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया कि इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाएगा। ACB के मुताबिक, शिकायतकर्ता की संस्था से जुड़े काम के लिए जॉइंट डायरेक्टर जयप्रकाश चरण ने कथित तौर पर 3 लाख रुपये की मांग की थी। इसमें संस्था का एग्रीमेंट लेटर जारी करना और उसके बिलों को मंजूरी देना शामिल था।

पहले भी पकड़े गए हैं घूसखोर कर्मचारी

राजस्थान में ACB की कार्रवाई का यह मामला अकेला नहीं है। इससे पहले एक अन्य मामले में ACB ने प्रतापगढ़ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जीवराज़ मीणा और CMHO कार्यालय में संविदा कर्मचारी महेश पाटीदार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एक निजी अस्पताल के संचालक ने शिकायत की थी कि दोनों ने उससे कथित तौर पर 2.75 लाख रुपये की रिश्वत मांगी है। ACB के मुताबिक, यह रकम सोनोग्राफी सेवाओं, MAA आयुष्मान योजना के तहत MoU पर हस्ताक्षर करने और दोनों अस्पतालों के लिए हर महीने होने वाले भुगतान से जुड़े काम के बदले मांगी गई थी।

हेड कांस्टेबल पर भी हुई थी कार्रवाई

जयपुर ग्रामीण के अमरसर में ACB ने रिश्वत के मामले में शराब दुकान के सेल्समैन राकेश कुमार मीणा और हेड कांस्टेबल रतन लाल आर्य को गिरफ्तार किया। ACB के मुताबिक, हेड कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता के खिलाफ दर्ज पुलिस शिकायत को निपटाने और उसके पक्ष में रिपोर्ट देने के लिए 50 हजार रुपये मांगे थे। बाद में वह 40 हजार रुपये लेने पर सहमत हो गया। मंगलवार को ACB ने ट्रैप की कार्रवाई की। इस दौरान राकेश कुमार मीणा ने कथित तौर पर हेड कांस्टेबल की ओर से शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये लिए, जिसके बाद उसे रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद हेड कांस्टेबल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। (PTI से इनपुट्स के साथ)

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