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IOCLकी क्रूड ऑयल चोरी करनेवाले गैंग का पर्दाफाश, टोंक से मेरठ तक फैला था अंतरराज्यीय नेटवर्क

 Written By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1
 Published : Jul 25, 2026 11:56 pm IST,  Updated : Jul 26, 2026 12:09 am IST

राजस्थान की टोंक पुलिस ने आईओसीएल की सलाया-मथुरा क्रूड ऑयल पाइपलाइन में सेंध लगाकर कच्चे तेल की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महज 15 दिनों में छह राज्यों से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

क्रूड ऑयल चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़- India TV Hindi
क्रूड ऑयल चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ Image Source : REPORTER INPUT

जयपुर: राजस्थान की टोंक पुलिस ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की राष्ट्रीय महत्व की सलाया-मथुरा क्रूड ऑयल पाइपलाइन में सेंध लगाकर कच्चे तेल की चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में केपल 15 दिनों के अंदर छह राज्यों से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गैंग का कथित मुख्य सरगना मेरठ निवासी मुनेश कुमार उर्फ फौजी भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी देश के अलग-अलग हिस्सों में पाइपलाइन चोरी की दो दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है।

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई न केवल सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे एक ऐसे बड़े हादसे की आशंका भी टल गई, जिसमें पाइपलाइन फटने या क्रूड ऑयल में आग लगने से आसपास के गांवों में भारी जन-धन की हानि हो सकती थी।

भूमिगत पाइपलाइन में लगाया था अवैध कनेक्शन

यह पूरा मामला 8 जुलाई को उस वक्त सामने आया, जब IOCL की सर्वे टीम नियमित निरीक्षण के दौरान टोंक जिले के लड़ी गांव के पास एसएमपीएल पाइपलाइन के चेनज 525.750 किलोमीटर पर पहुंची। खेत के एक कोने में कंटीली झाड़ियों से ढकी संदिग्ध जगह दिखाई देने पर टीम ने जांच की। खुदाई करने पर मुख्य भूमिगत पाइपलाइन से करीब 30 फीट लंबी और दो इंच व्यास की एक अतिरिक्त पाइप जुड़ी हुई मिली। इसके अंतिम सिरे पर एक वाल्व लगा हुआ था। इससे साफ हुआ कि गिरोह ने पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन बनाकर क्रूड ऑयल चोरी करने का पूरा इंतजाम कर रखा था।

आईओसीएल अधिकारियों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इसका पता नहीं चलता तो पाइपलाइन में रिसाव से बड़ा विस्फोट या आग लग सकती थी, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर हादसा हो सकता था। 

गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला 

पुलिस ने मामले में पेट्रोलियम एंड मिनरल पाइपलाइन एक्ट 1962 (संशोधित 2011), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित हुई विशेष टीमें घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मालपुरा पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी के सुपरविजन में विशेष टीमों का गठन किया गया। 

तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र से मिली सफलता

तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र से मिली सफलता जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर व्यापक सूचना संकलन किया। छह राज्यों में फैले सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया तथा राजस्थान सहित अन्य राज्यों में पाइपलाइन चोरी की पुरानी घटनाओं और उनमें शामिल अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला गया। लगातार 15 दिनों तक दिन-रात चले अभियान के बाद पुलिस ने अंतरराज्यीय गैंग के 12 सदस्यों की पहचान कर विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न राज्यों में भूमिगत पाइपलाइनों को निशाना बना रही थी। गैंग के सदस्य पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी करते थे। इसके बाद रात के समय खेतों के रास्ते पाइपलाइन तक पहुंचकर खुदाई करते, विशेष उपकरणों की सहायता से पाइपलाइन में छेद कर वाल्व लगा देते और अतिरिक्त पाइप के माध्यम से क्रूड ऑयल निकालते थे।

पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे 

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न राज्यों में भूमिगत पाइपलाइनों को निशाना बना रही थी। गैंग के सदस्य पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी करते थे। इसके बाद रात के समय खेतों के रास्ते पाइपलाइन तक पहुंचकर खुदाई करते, विशेष उपकरणों की सहायता से पाइपलाइन में छेद कर वाल्व लगा देते और अतिरिक्त पाइप के माध्यम से क्रूड ऑयल निकालते थे।

मुख्य सरगना मुनेश उर्फ फौजी निकला शातिर अपराधी 

पुलिस के अनुसार गैंग का मुख्य सरगना मेरठ निवासी 60 वर्षीय मुनेश कुमार उर्फ फौजी है। वह लंबे समय से पाइपलाइन चोरी की घटनाओं में सक्रिय रहा है और देशभर में दो दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है। उसके नेतृत्व में संगठित गैंग विभिन्न राज्यों में जाकर पाइपलाइन चोरी की योजनाएं बनाती थी। मुनेश के निर्देश पर गैंग के सदस्य पहले स्थानीय स्तर पर सहयोगी तलाशते थे, फिर उपयुक्त स्थान का चयन कर भूमिगत पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन जोड़ते थे। चोरी किए गए क्रूड ऑयल की बिक्री का नेटवर्क भी गैंग ने अलग से विकसित कर रखा था, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

 छह राज्यों से जुड़े आरोपी गिरफ्तार 

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान छह राज्यों से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के अपराधी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सरगना मुनेश कुमार उर्फ फौजी (मेरठ), सतनाम सिंह (पंजाब), अजय सिंह वाघेला (गुजरात), राजेश कुमार (हरियाणा), अनीश कुमार (हरियाणा), धर्मेंद्र (मध्य प्रदेश), जाकिर हुसैन (मध्य प्रदेश), मोहनलाल गुर्जर (ब्यावर), नाथूराम गुर्जर (अजमेर), गोपाल गुर्जर (ब्यावर), शंकरलाल गुर्जर (टोंक) तथा प्रभुलाल बैरवा (लड़ी, टोंक) शामिल हैं।

रिपोर्ट-पुरुषोत्तम कुमार जोशी, टोंक

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