Chandra Gochar 2025: देव दीपावली का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और शिव दी की आराधना की जाती है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल देव दिवाली के दिन यानी 4 नवंबर 2025 को ही चंद्रमा मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर रहे हैं।
मन के कारक चंद्रमा के राशि बदलने से दो राशियों को विशेष लाभ होगा। चंद्र गोचर से इन राशि के जातकों पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरसेगी। वैकुंठ चतुर्दशी का यह चंद्र गोचर मिथुन और मीन राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ है। इस अवधि में शिव जी और भगवान विष्णु की पूजा से सफलता के योग बनेंगे।
चंद्र गोचर का समय और प्रभाव
वैदिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार 4 नवंबर को वैकुंठ चतुर्दशी के दिन दोपहर 12 बजकर 34 मिनट पर चंद्र देव राशि परिवर्तन करेंगे। इस समय वे मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मेष में दो दिन रहकर फिर वृषभ राशि में जाएंगे। चूंकि यह गोचर कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हो रहा है, इसलिए इसका प्रभाव धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ रहेगा। इस अवधि में भगवान शिव की विशेष कृपा कुछ राशियों पर बरसेगी।
मिथुन राशि: यश, सम्मान और लाभ के योग
चंद्र देव के मेष राशि में प्रवेश करने से मिथुन राशि के जातकों के लिए भाग्य के द्वार खुलने वाले हैं। मित्रों और प्रभावशाली लोगों से संबंध मजबूत होंगे, जिनकी मदद से रुके हुए कार्य पूरे होंगे। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और धन-धान्य की वृद्धि होगी। संतान से सुख मिलेगा तथा सरकारी कार्यों में सफलता के योग बनेंगे।
राजनीति या पब्लिक सेक्टर से जुड़े लोगों को मान-सम्मान और पहचान मिलेगी। शुभ कार्यों में सफलता मिलेगी और देव दीवाली तक बिगड़े काम भी बनने लगेंगे।
उपाय: देव दीवाली के दिन स्नान के बाद गाय के कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक करें। इससे मनचाही इच्छा पूरी होगी।
मीन राशि: खुशियों की बरसात और धन लाभ
चंद्र देव के राशि परिवर्तन करने से मीन राशि के जातकों के लिए समय बहुत शुभ रहेगा। परिवार में खुशियों का माहौल बनेगा और कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। इस राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय में बढ़ोतरी के योग हैं। हालांकि, खर्च भी बढ़ सकते हैं, इसलिए संतुलन बनाकर चलना जरूरी होगा।
साथी के सहयोग से आर्थिक लाभ मिलेगा और नए अवसर सामने आएंगे।
कुछ लोगों को रोजगार देने या किसी सामाजिक कार्य में जुड़ सकते हैं।
छात्रों को एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत होगी।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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