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Bhadwa Chauth Ka Chand Kab Dikhega: भादवा चौथ का चांद कब निकलेगा, नोट कर लें चांद को अर्घ्य देने की पूजा विधि

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Aug 11, 2025 09:48 am IST,  Updated : Aug 12, 2025 09:42 pm IST

Chauth Ka Chand Kab Dikehga: भाद्रपद कृष्ण पक्ष में आने वाली संकष्टी चतुर्थी को हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी और भादो चौथ के नाम से जाना जाता है। कई जगहों पर इसे बहुला चतुर्थी भी कहते हैं। यहां हम आपको बताएंगे भादो चौथ किस तारीख की है और इस दिन की पूजा के नियम क्या है।

Bhadwa chauth- India TV Hindi
भादवा चौथ का चांद कब दिखेगा 2025 Image Source : CANVA

Chauth Ka Chand Kab Dikehga: इस साल भादो चौथ का व्रत 12 अगस्त 2025, मंगलवार को रखा जाएगा। भाद्रपद संकष्टी चतुर्थी का प्रारंभ 12 अगस्त की सुबह 8 बजकर 40 मिनट पर होगा और इसकी समाप्ति 13 अगस्त 2025 की सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर होगी। भादो चौथ की पूजा के लिए गोधुली मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है और 12 अगस्त को ये मुहूर्त शाम 06:50 से 07:16 तक रहेगा। बता दें भादो चौथ को भाद्रपद संकष्टी चतुर्थी (Bhadrapada Sankashti Chaturthi 2025), भाद्रपद चौथ, बोल चौथ (Bol Chauth), बहुला चतुर्थी (Bahula Chaturthi 2025), हेरम्ब संकष्टी चतुर्थी इत्यादि कई नामों से जाना जाता है। यहां हम आपको बताएंगे भादो चौथ की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।

भादो चौथ व्रत पूजा मुहूर्त 2025 (Bhadwa Chauth Vrat Puja Time 2025)

भादो चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 50 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। चतुर्थी तिथि 12 अगस्त की सुबह 8 बजकर 40 मिनट से लेकर 13 अगस्त की सुबह 6 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। 

चौथ का चांद निकलने का समय (Chauth Ka Chand Kab Dikhega)

भादो चौथ के दिन चन्द्रोदय समय रात 08:59 का है।

भादो चौथ पूजा विधि (Bhadwa Chauth Puja Vidhi)

  • भादो चौथ के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करें।
  • इसके बाद घर की मंदिर की सफाई करें और अपने दायें हाथ में जल रखकर व्रत का संकल्प लें।
  • इसके बाद एक साफ चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं और उसपर गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापित करें।
  • इसके बाद गणेश जी का अभिषेक करें और उन्हें पुष्प, फल, मिठाई, दुर्वा अर्पित करें।
  • भगवान के समक्ष घी का दीपक जलाएं और सच्चे मन से उनके मंत्रों का जाप करें।
  • भादो चौथ की कथा सुनें और आरती करके भगवान को भोग लगाएं।
  • अंत में लोगों में प्रसाद बांट दें।
  • रात में चांद की पूजा कर अपना व्रत खोल लें।

भादो चौथ व्रत का महत्व (Bhado Chauth Vrat Ka Mahatva)

मान्यता है इस व्रत को रखने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं साथ ही भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

भादो चौथ पूजा मंत्र (Bhado Chauth Puja Mantra)

- वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।

निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

- एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम्ं।
विघ्नशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम्॥

- ॐ ग्लौम गौरी पुत्र,वक्रतुंड,गणपति गुरु गणेश
ग्लौम गणपति,ऋदि्ध पति। मेरे दूर करो क्लेश।।

- एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम्ं। 
विघ्नशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम्॥

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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