आज देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी मनाई जाती है। इस एकादशी को पद्मा एकादशी, आषाढ़ी एकादशी और हरिशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि देवशयनी एकादशी के दिन से ही भगवान विष्णु का शयनकाल आरंभ हो जाता है, इसलिए इसे देवशयनी एकादशी कहते हैं। देवशयनी एकादशी के चार माह के बाद भगवान विष्णु देवउठनी एकादशी के दिन जागतें हैं। बता दें कि इस अवधि को चातुर्मास के नाम से जाना जाता है। चातुर्मास में कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
देवशयनी एकादशी पारण 2026 शुभ समय
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का जितना महत्व है उतनी ही पारण तिथि भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिए एकादशी व्रत का पारण शुभ समय में करना जरूरी होता है। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना अत्यंत जरूरी होता है। यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गई है तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही होता है। द्वादशी तिथि के अंदर पारण न करना पाप करने के समान माना जाता है। एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान भी नहीं किया जाता। जो श्रद्धालु व्रत कर रहे हैं उन्हें व्रत तोड़ने से पहले हरि वासर समाप्त होने का इंतजार करना चाहिए।
आपको बता दें कि देवशयनी एकादशी का पारण अगले दिन यानी 26 जुलाई 2026 को किया जाएगा। पारण यानी व्रत खोलने का समय सुबह 6 बजकर 13 मिनट से सुबह 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। देवशयनी एकादशी व्रत पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय दोपहर 1 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।
देवशयनी एकादशी 2026 पारण विधि
- पारण के दिन सुबह स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहन लें।
- इसके बाद भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं।
- नारायण को तुलसी, फूल, फल और भोग अर्पित करें।
- विष्णु जी की आरती करें।
- व्रत खोलने से पहले किसी ब्राह्मण, गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति अन्न, धन या वस्त्र का दान करें।
- अब तुलसी दल, पंचामृत या सात्विक भोजन ग्रहण करके अपना व्रत खोलें यानी एकादशी का पारण करें।
- व्रत खोलने के बाद भी दिनभर सात्विक भोजन ही खाएं। प्याज, लहसुन का सेवन न करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
सावन में रख रहे हैं पूरे महीने का व्रत? गलती से भी न करें ये भूल, यहां जानें सही नियम