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Ganga Dussehra 2024: गंगा दशहरा के दिन जरूर करें ये काम, मिलेगा कई गुना अधिक लाभ

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : May 30, 2024 10:19 am IST,  Updated : May 30, 2024 10:27 am IST

Ganga Dussehra 2024: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का खास महत्व है। इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा मां गंगा सभी मनोकामनाएं पूर्ण भी करती हैं।

Ganga Dussehra 2024 - India TV Hindi
Ganga Dussehra 2024 Image Source : INDIA TV

Ganga Dussehra 2024: ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है। इस दिन गंगा मां की विधिपूर्वक पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही इस दिन गंगा स्नान और दान पुण्य करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। गंगा दशहरा के दिन मां गंगा के साथ भगवान शिव की पूजा करने का भी विधान है। बता दें कि राजा भागीरथ की कठिन तपस्या के कारण ही गंगा मैय्या का पृथ्वी पर आगमन संभव हो पाया था। हालांकि पृथ्वी के अंदर गंगा के वेग को सहने की शक्ति न होने के कारण भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं के बीच स्थान दिया, जिससे धारा के रूप में पृथ्वी पर गंगा का जल उपलब्ध हो सके।

गंगा दशहरा के दिन करें ये कार्य

गंगा दशहरा के दिन गंगा मैय्या के साथ-साथ भगवान शिव की उपासना का भी महत्व है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से व्यक्ति को उसके जाने-अनजाने में हुयी गलतियों के पश्चाताप से छुटकारा मिलता है। शुभ फलों की प्राप्ति होती है। लेकिन आपको गंगा नदी में जाकर स्नान करना संभव नहीं है तो अपने घर में ही नहाने के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाकर, उससे स्नान करें और दोनों हाथ जोड़कर मन ही मन गंगा मैय्या को प्रणाम करें। गंगा दशहरा के दिन गंगा स्त्रोत का पाठ करना भी बहुत लाभदायक होता है। 

गंगा स्त्रोत का पाठ जरूर करें

ॐ नमः शिवायै गङ्गायै शिवदायै नमो नमः।

नमस्ते विष्णुरुपिण्यै, ब्रह्ममूर्त्यै नमोऽस्तु ते॥

नमस्ते रुद्ररुपिण्यै शाङ्कर्यै ते नमो नमः।
सर्वदेवस्वरुपिण्यै नमो भेषजमूर्त्तये॥

सर्वस्य सर्वव्याधीनां, भिषक्श्रेष्ठ्यै नमोऽस्तु ते।
स्थास्नु जङ्गम सम्भूत विषहन्त्र्यै नमोऽस्तु ते॥

संसारविषनाशिन्यै, जीवनायै नमोऽस्तु ते।
तापत्रितयसंहन्त्र्यै, प्राणेश्यै ते नमो नमः॥

शांतिसन्तानकारिण्यै नमस्ते शुद्धमूर्त्तये।
सर्वसंशुद्धिकारिण्यै नमः पापारिमूर्त्तये॥

भुक्तिमुक्तिप्रदायिन्यै भद्रदायै नमो नमः।
भोगोपभोगदायिन्यै भोगवत्यै नमोऽस्तु ते॥

मन्दाकिन्यै नमस्तेऽस्तु स्वर्गदायै नमो नमः।
नमस्त्रैलोक्यभूषायै त्रिपथायै नमो नमः॥

नमस्त्रिशुक्लसंस्थायै क्षमावत्यै नमो नमः।
त्रिहुताशनसंस्थायै तेजोवत्यै नमो नमः॥

नन्दायै लिंगधारिण्यै सुधाधारात्मने नमः।
नमस्ते विश्वमुख्यायै रेवत्यै ते नमो नमः॥

बृहत्यै ते नमस्तेऽस्तु लोकधात्र्यै नमोऽस्तु ते।
नमस्ते विश्वमित्रायै नन्दिन्यै ते नमो नमः॥

पृथ्व्यै शिवामृतायै च सुवृषायै नमो नमः।
परापरशताढ्यायै तारायै ते नमो नमः॥

पाशजालनिकृन्तिन्यै अभिन्नायै नमोऽस्तुते।
शान्तायै च वरिष्ठायै वरदायै नमो नमः॥

उग्रायै सुखजग्ध्यै च सञ्जीवन्यै नमोऽस्तु ते।
ब्रह्मिष्ठायै ब्रह्मदायै, दुरितघ्न्यै नमो नमः॥

प्रणतार्तिप्रभञ्जिन्यै जग्मात्रे नमोऽस्तु ते।
सर्वापत् प्रति पक्षायै मङ्गलायै नमो नमः॥

शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे।
सर्वस्यार्ति हरे देवि! नारायणि ! नमोऽस्तु ते॥

निर्लेपायै दुर्गहन्त्र्यै दक्षायै ते नमो नमः।
परापरपरायै च गङ्गे निर्वाणदायिनि॥

गङ्गे ममाऽग्रतो भूया गङ्गे मे तिष्ठ पृष्ठतः।
गङ्गे मे पार्श्वयोरेधि गंङ्गे त्वय्यस्तु मे स्थितिः॥

आदौ त्वमन्ते मध्ये च सर्वं त्वं गाङ्गते शिवे!
त्वमेव मूलप्रकृतिस्त्वं पुमान् पर एव हि।
गङ्गे त्वं परमात्मा च शिवस्तुभ्यं नमः शिवे।।

गंगा दशहरा के दिन करें इन चीजों का दान

  • गंगा दशहरा के दिन ब्रह्मणों को  गेहूं, तिल का दान करें और साथ ही दक्षिणा भी दें। 
  • इस दिन सुहागिनों को श्रृंगार की सामग्री दान करें।
  • गंगा दशहरा के दिन गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, धन और वस्त्र का दान करें।
  • इसके अलावा गंगा दशहरा के दिन पानी दान करना पुण्यकारी माना जाता है। तो इस दिन जरूरतमंदों को पानी और मीठ शरबत जरूर पिलाएं।

गंगा दशहरा 2024 तिथि और मुहूर्त

इस साल 16 जून को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 8 मिनट से सुबह 10 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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