Hartalika Teej Ki Aarti Pdf Download: हरतालिका तीज के दिन भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश जी की पूजा होती है। कहते हैं जो भी सुहागिन सच्चे मन से और पूरी निष्ठा से हरतालिका तीज का व्रत रखती है उसके दांपत्य जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहती है। कहते हैं माता पार्वती ने शिव शंकर भगवान को पति रूप में प्राप्त करने के लिए ये व्रत रखा था। इस साल ये व्रत 26 अगस्त को रखा जा रहा है। यहां हम आपको बताएंगे हरतालिका तीज की पूजा के समय कौन सी आरती करनी चाहिए।
हरतालिका तीज की आरती (Hartalika Teej Ki Aarti)
श्री गणेश जी की आरती (Sri Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi)
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।
- माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
- लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
- बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- 'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
- दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी ।
- कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥
- जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
- माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
मां पार्वती की आरती (Maa Parvati Ki Aarti Lyrics In Hindi)
- जय पार्वती माता, जय पार्वती माता,
- ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता..
- जय पार्वती माता...
- अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता.
- जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता.
- जय पार्वती माता...
- सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा.
- देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा..
- जय पार्वती माता...
- सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता.
- हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता..
- जय पार्वती माता...
- शुम्भ-निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता.
- सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा..
- जय पार्वती माता...
- सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता.
- नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता.
- जय पार्वती माता...
- देवन अरज करत हम चित को लाता.
- गावत दे दे ताली मन में रंगराता..
- जय पार्वती माता...
- श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता.
- सदा सुखी रहता सुख संपति पाता..
- जय पार्वती माता...।
भगवान शिव की आरती (Shiv Ji Ki Aarti)
- ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
- ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
- ओम जय शिव ओंकारा।।
- एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसानन गरूड़ासन
- वृषवाहन साजे।।
- ओम जय शिव ओंकारा।।
- दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
- त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
- ओम जय शिव ओंकारा।।
- अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
- त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
- ओम जय शिव ओंकारा।।
- श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
- सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
- ओम जय शिव ओंकारा।।
- ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
- मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
- ओम जय शिव ओंकारा।।
- लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
- पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
- ओम जय शिव ओंकारा।।
- पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
- भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
- ओम जय शिव ओंकारा।।
- जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
- शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
- ओम जय शिव ओंकारा।।
- काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
- नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
- ओम जय शिव ओंकारा।।
- त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
- कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
- ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।
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