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Mohini Ekadashi 2025 Date: मोहिनी एकादशी कब मनाई जाएगी? यहां जानें व्रत की सही डेट और पूजा शुभ मुहूर्त

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Apr 27, 2025 03:28 pm IST,  Updated : Apr 27, 2025 03:28 pm IST

Mohini Ekadashi 2025: वैशाख माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। मोहिनी एकादशी का व्रत करने से श्री हरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। तो यहां जानिए कि इस साल मोहिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा।

मोहिनी एकादशी 2025- India TV Hindi
मोहिनी एकादशी 2025 Image Source : INDIA TV

Mohini Ekadashi 2025 Date and Muhurat: एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन व्रत रख और नारायण की पूजा करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस एकादशी का विशेष महत्व होता है। मोहिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को जीवन में सफलता और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि इस साल मोहिनी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा और पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

मोहिनी एकादशी व्रत 2025 डेट और मुहूर्त

मोहिनी एकादशी का व्रत 8 मई 2025 को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 7 मई को सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 8 मई को दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर होगा। मोहिनी एकादशी का पारण 9 मई को किया जाएगा। पारण का शुभ समय सुबह 6 बजकर 6 मिनट से सुबह 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। 

मोहिनी एकादशी व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत कलश निकला तब देवताओं और असुरों के बीच युद्ध छिड़ गया था। देवताओं से असुर अमृत कलश छिन लेते हैं। तब भगवान विष्णु ने देवताओं की सहायता करने के लिए मोहिनी रूप धारण किया था।  मोहिनी रूप में भगवान विष्णु ने असुरों को मोहित कर लिया था और उनसे अमृत भरा कलश लेकर देवताओं के हवाले कर दिया था, जिसे पीकर सभी देवता अमर हो गए।

मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को अर्पित करें ये चीजें

मोहिनी एकादशी के दिन विष्णु जी को उनके प्रिय रंग यानी पीले रंग के फूल और वस्त्र अर्पित करें। इसके साथ ही फल और पीली मिठाई भी चढ़ाएं। एकादशी की पूजा में तुलसी का पत्ता जरूर रखें। तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। लेकिन ध्यान रखें कि तुलसी एकादशी से एक दिन पहले तोड़कर रख लें क्योंकि एकादशी के दिन तुलसी को स्पर्श करना भी वर्जित होता।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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