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Pradosh Vrat 2026 Date: प्रदोष का व्रत कब रखा जाएगा 16 या 17 जनवरी? जानें सही डेट और पूजा मुहूर्त

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Jan 14, 2026 10:53 pm IST,  Updated : Jan 14, 2026 10:53 pm IST

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

प्रदोष व्रत 2026- India TV Hindi
प्रदोष व्रत 2026 Image Source : FREEPIK

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष का व्रत भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन महादेव की पूजा-अर्चना करना अत्यंत ही फलदायी माना जाता है। प्रदोष व्रत करने से भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जातक को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। आपको बता दें कि प्रदोष का व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन किया जाता है। वहीं हर प्रदोष व्रत का नाम सप्ताह दिन के हिसाब से रखा जाता है और फिर उसका महत्व भी अलग-अलग हो जाता है। अगर कोई प्रदोष मंगलवार को पड़ रहा है तो उसे मंगल प्रदोष कहेंगे। वैसे ही अगर जब प्रदोष का दिन शुक्रवार को पड़ता है, तो इसे शुक्र प्रदोष के नाम से जाना जाता है। तो आइए अब जानते हैं कि जनवरी में प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। 

प्रदोष व्रत 2026 डेट

प्रदोष व्रत की तारीख को लेकर लोगों में असमजंस की स्थिति बनी हुई है। तो हम आपको बताएंगे कि प्रदोष का व्रत 16 जनवरी को रखा जाएगा या 17 जनवरी को। पंचांग के अनुसार, माघ के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 15 जनवरी को शाम 8 बजकर 16 मिनट पर होगा। 16 जनवरी 2026 को रात 10 बजकर 21 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में प्रदोष का व्रत 16 जनवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा। यह प्रदोष व्रत शुक्रवार को रखा जाएगा इसलिए इसे शुक्र प्रदोष कहेंगे। 

प्रदोष व्रत 2026 शुभ मुहूर्त 

शुक्र प्रदोष पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 16 जनवरी को शाम 6 बजकर 22 मिनट से रात 8 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। इस दिन प्रदोष काल यानि संध्या के समय में पूजा अर्चना की जाती है। पुराणों में बताया गया है कि त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है उसकी समस्त परेशानियां दूर हो जाती हैं। 

शुक्र प्रदोष महत्व

शुक्र प्रदोष के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ ही देवी लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। शुक्र प्रदोष व्रत सौंदर्य, भोग, वैवाहिक सुख और धन संपदा की प्राप्ति होती है। यह व्रत स्त्रियों के लिए विशेष रूप से कल्याणकारी माना जाता है। शुक्र प्रदोष व्रत करनेसे वैवाहिक जीवन सुखमय होता है और घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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