हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन भक्तगण व्रत रखकर भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। बता दें कि पूरे साल में बार मासिक शिवरात्रि आती हैं, जिनमें सावन और फाल्गुन माह की मासिक शिवरात्रि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। फाल्गुन माह में आने वाली मासिक शिवरात्रि सभी शिवरात्रियों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन महाशिवरात्रि मनाई जाती है। वहीं शिवजी के प्रिय माह सावन में आने वाली मासिक शिवरात्रि का भी खास महत्व होता है, जिसे सावन या श्रावण शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।
सावन शिवनरात्रि के दिन प्रसिद्ध शिव मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही भक्तजन गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक कर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। तो आइए जानते हैं कि इस साल सावन शिवरात्रि कब है और इस दिन चार प्रहर का पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। वहीं बता दें कि कालसर्प दोष दूर करने के लिए सावन शिवरात्रि का दिन बहुत ही उत्तम माना गया है। इस दिन इन उपायों को कर के काल सर्प दोष से छुटकारा पा सकते हैं।
सावन शिवरात्रि 2026 की सही तारीख
पंचांग के अनुसार सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 11 अगस्त को सुबह 4 बजकर 54 मिनट पर होगा। चतुर्दशी तिथि का समापन 12 अगस्त को रात 1 बजकर 52 मिनट पर होगा। सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 मनाई जाएगी।
सावन शिवरात्रि 2026 निशिता काल पूजा समय
शिवरात्रि में रात्रि पूजन का विशेष महत्व होता है। इस दिन रात्रि के चारों प्रहर में भगवान शिव की पूजा की जाती है। वहीं सावन शिवरात्रि के दिन निशिता काल पूजा का समय 12:21 ए एम से 01:06 ए एम, अगस्त 12 तक रहेगा। बता दें कि निशिता काल समय रात्रि के मध्य हिस्से को दर्शाता है और ये समय शिव की उपासना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। कहते हैं इस अवधि में किये गए जप, ध्यान और रुद्राभिषेक का विशेष फल प्राप्त होता है।
सावन शिवरात्रि 2026 चार प्रहर पूजा का समय
- रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 07:09 पी एम से 09:56 पी एम
- रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 09:56 पी एम से 12:44 ए एम, अगस्त 12
- रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 12:44 ए एम से 03:31 ए एम, अगस्त 12
- रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 03:31 ए एम से 06:19 ए एम, अगस्त 12
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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