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भाद्रपद पूर्णिमा स्नान और व्रत क्या एक दिन हैं? यहां दूर करें कंफ्यूजन, जानें सही तारीख और स्नान-दान का मुहूर्त

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Sep 21, 2026 07:04 pm IST,  Updated : Sep 21, 2026 07:16 pm IST

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि अत्यंत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन स्नान-दान करने का विधान है। माना जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को शुभ फल मिलते हैं। तो यहां जानिए भाद्रपद पूर्णिमा की तारीख और स्नान-दान का मुहूर्त।

भाद्रपद पूर्णिमा 2026- India TV Hindi
भाद्रपद पूर्णिमा 2026 Image Source : MAGNIFIC

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन स्नान-दान करने से पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन से पितृ पक्ष भी आरंभ हो रहे हैं। बता दें कि पितृ पक्ष के दौरान पितरों का तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किया जाता है। पितृ पक्ष में पूर्वजों को याद करने से पितृ दोष दूर होता है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है। तो चलिए जानते हैं कि इस भाद्रपद पूर्णिमा कब मनाई जाएगी और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

भाद्रपद पूर्णिमा 2026 व्रत और स्नान दान डेट

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 25 सितंबर को रात 11 बजकर 6 मिनट पर होगा। पूर्णिमा तिथि का समापन 26 सितंबर को रात 10 बजकर 18 मिनट पर होगा। भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इसी दिन स्नान-दान किया जाएगा। पूर्णिमा का व्रत भी 26 सितंबर को ही रखा जाएगा।

भाद्रपद पूर्णिमा 2026 स्नान-दान मुहूर्त

भाद्रपद पूर्णिमा के दिन स्नान दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 53 मिनट से सुबह 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। ये दोनों ही समय स्नान-दान के लिए उत्तम रहेगा। हालांकि पूर्णिमा का पूरा दिन स्नान-दान के लिए अच्छा माना जाता है। 

भाद्रपद पूर्णिमा 2026 के दिन चंद्रोदय का समय

भाद्रपद पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय शाम 6 बजकर 18 मिनट पर होगा। बता दें कि जो श्रद्धालु पूर्णिमा का व्रत करते है वो रात में चंद्र देव की पूजा करते हैं और अर्घ्य देते हैं। इसके बाद ही पूर्णिमा व्रत का पारण (व्रत खोलते हैं) करते हैं।

भाद्रपद पूर्णिमा का महत्व

यह दिन धार्मिक दृष्टि से भाद्रपद पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र माना जाता है। व्रत, पूजा, दान आदि कार्यों के लिए यह पूर्णिमा श्रेष्ठ माना गया है। भविष्यपुराण, स्कन्दपुराण और पद्मपुराण आदि धर्मग्रंथों में भाद्रपद पूर्णिमा के पुण्य महत्व का विस्तृत वर्णन किया गया है। इस दिन गंगा स्नान, दान, व्रत, पूर्णिमा कथा श्रवण और भगवान विष्णु का पूजन करने से कई गुना अधिक शुभ फल प्राप्त होता है। अगर आप कहीं गंगा स्नान के लिए नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही नहाने वाले में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें। ऐसा करने से भी गंगा स्नान जितना पुण्य फल मिलता है।

 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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