22 सितंबर 2026 को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और इस दिन करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु वामन अवतार की पूजा की जाती है। मान्यताओं के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी के दिन श्री हरि और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। तो आइए जानते हैं कि परिवर्तिनी एकादशी के दिन विष्णु जी को क्या भोग अर्पित करना चाहिए और पूजा मंत्र क्या है। साथ ही जानिए एकादशी पूजा का नियम।
परिवर्तिनी एकादशी के दिन विष्णु जी को लगाएं इन चीजों का भोग
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पंचामृत- जगत के पालनहार भगवान विष्णु को पंचामृत अत्यंत प्रिय है इसलिए इसका भोग जरूर लगाएं। दूध, दही, चीनी, शहर और घी को मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है।
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पंचमेवा- एकादशी के दिन विष्णु जी को पंचमेवा भी जरूर चढ़ाएं। पंचमेवा में बादाम, काजू, छुआरा, किशमिश और मखाना आता है।
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पीली मिठाई- श्री हरि विष्णु को पीला रंग बेहद पसंद है तो एकादशी के दिन बेसन के लड्डू, बूंदी के लड्डू, पीला पेड़ा या केसरिया रंग की खीर भी अर्पित करें। एकादशी के दिन चावल बनाना वर्जित है तो आप खीर साबूदाना की बना सकते हैं।
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फल- परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को मौसमी फल जैसे- केला, सेब, अनार आदि फलों का भी भोग लगाएं।
भगवान विष्णु जी के मंत्र
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ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
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मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
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ॐ नमोः नारायणाय॥
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ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥
एकादशी व्रत पूजा नियम
- परिवर्तिनी एकादशी व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद ही करें।
- एकादशी पूजा में तुलसी का प्रयोग जरूर करें। बिना तुलसी के विष्णु जी की पूजा अधूरी मानी जाती है।
- एकादशी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनें।
- व्रत के दिन क्रोध न करें और न ही किसी के लिए अपने मन में बुरे विचार लेकर आएं।
- एकादशी के दिन तुलसी तोड़ना वर्जित होता है। तो इस दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें और न ही जल चढ़ाएं।
- एकादशी के दिन तामसिक चीजों का सेवन न करें। (लहसुन-प्याज,मांसाहार, शराब)
- एकादशी के दिन बाल, दाढ़ी और नाखून काटने की मनाही होती है।
परिवर्तिनी एकादशी 2026 पारण का समय
- एकादशी तिथि प्रारम्भ - सितंबर 21, 2026 को 08:00 पी एम बजे
- एकादशी तिथि समाप्त - सितंबर 22, 2026 को 09:43 पी एम बजे
- परिवर्तिनी एकादशी पारण तिथि- 23 सितंबर 2026
- पारण (व्रत खोलने का)समय - 06:27 ए एम से 08:53 ए एम
- पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 10:50 पी एम
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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