22 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि और मंगलवार का दिन है। एकादशी तिथि मंगलवार को रात 9 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। 22 सितंबर को पूरा दिन पूरी रात पार कर के बुधवार सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक श्रवण नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 22 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत भी किया जायेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए मंगलवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
22 सितंबर 2026 का पंचांग
- भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि- 22 सितंबर 2026 को रात 9 बजकर 44 मिनट तक
- श्रवण नक्षत्र- 22 सितंबर 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक
- 22 सितंबर विशेष- परिवर्तिनी एकादशी का व्रत
22 सितंबर 2026 (परिवर्तिनी एकादशी) का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:52 ए एम से 05:40 ए एम
- प्रातः संध्या- 05:16 ए एम से 06:27 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:07 पी एम से 12:55 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:32 पी एम से 03:21 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:35 पी एम से 06:59 पी एम
- सायाह्न संध्या- 06:35 पी एम से 07:46 पी एम
- अमृत काल - 09:52 पी एम से 11:36 पी एम
- रवि योग- 06:27 ए एम से 07:06 ए एम
राहुकाल का समय
- दिल्ली- दोपहर बाद 03:16 से शाम 04:47 तक
- मुंबई- दोपहर बाद 03:33 से शाम 05:04 तक
- चंडीगढ़- दोपहर बाद 03:18 से शाम 04:49 तक
- लखनऊ- दोपहर बाद 03:01 से शाम 04:32 तक
- भोपाल- दोपहर बाद 03:15 से शाम 04:46 तक
- कोलकाता- दोपहर 02:31 से शाम 04:02 तक
- अहमदाबाद- दोपहर बाद 03:34 से शाम 05:05 तक
- चेन्नई- दोपहर बाद 03:03 से शाम 04:34 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 06:09 बजे
- सूर्यास्त- शाम 06:17 बजे
परिवर्तिनी एकादशी व्रत महत्व
22 सितंबर 2026 को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत किया जायेगा। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। मध्य प्रदेश में इसे दोल ग्यारस के नाम से जाना जाता है। कहते हैं इस दिन भगवान श्री विष्णु शयन शैय्या पर सोते हुए करवट लेते हैं इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान श्री विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा की जाती है। इस एकादशी के विषय में ऐसा भी कहा गया है कि इस दिन माता यशोदा ने भगवान श्री विष्णु के वस्त्र धोएं थे इसलिए इस एकादशी को जलझूलनी एकादशी भी कहा जाता है। कई जगहों पर इस दिन श्री विष्णु को पालकी में बिठाकर शोभा यात्रा निकाली जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के निमित्त व्रत करने का और विधिपूर्वक उनकी पूजा करने का विधान है।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
ये भी पढ़ें-
शारदीय नवरात्रि 2026: इस बार हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, जानें ये किस बात का होता है संकेत