27 सितंबर को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि और रविवार का दिन है। इस दिन उन पितरों के निमित्त श्राद्ध किया जाएगा जिन की मृत्यु किसी भी माह में प्रतिपदा तिथि को हुई हो। आज से लेकर 10 अक्टूबर तक पितरों के निमित्त श्राद्ध-तर्पण, पिंडदान और दान किया जाएगा। आपको बता दें कि रविवार के दिन वृद्धि योग भी विद्यमान रहेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए रविवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
27 सितंबर 2026 का पंचांग
- आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रितपदा तिथि - 27 सितंबर को रात 8 बजकर 59 मिनट तक
- उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र- 27 सितंबर को दोपहर दोपहर पहले 11 बजकर 8 मिनट तक
- 27 सितंबर 2026 विशेष- पितृपक्ष में प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध इस दिन किया जाएगा
27 सितंबर 2026 शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:53 ए एम से 05:40 ए एम
- प्रातः सन्ध्या- 05:17 ए एम से 06:28 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:05 पी एम से 12:53 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:30 पी एम से 03:18 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:30 पी एम से 06:54 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या- 06:30 पी एम से 07:42 पी एम
- कुतुप मुहूर्त- 12:05 पी एम से 12:53 पीएम (इस दौरान श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान करना शुभ माना जाता है)
राहुकाल का समय
- दिल्ली- शाम 04:42 से शाम 06:12 तक
- मुंबई- शाम 05:00 से शाम 06:31 तक
- चंडीगढ़- शाम 04:43 से शाम 06:13 तक
- लखनऊ- शाम 04:27 से शाम 05:57 तक
- भोपाल- शाम 04:41 से शाम 06:11 तक
- कोलकाता- दोपहर बाद 03:58 से शाम 05:28 तक
- अहमदाबाद- शाम 05:01 से शाम 06:31 तक
- चेन्नई - शाम 04:31 से शाम 06:01 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 06:11 बजे
- सूर्यास्त- शाम 06:12 बजे
प्रतिपदा का श्राद्ध
पितृपक्ष 2026 में प्रतिपदा तिथि पर उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी महीने में और किसी भी पक्ष में प्रतिपदा तिथि को हुई हो। इसके साथ ही अगर नाना-नानी का कोई बेटा न हो और उनकी मृत्यु हो चुकी हो तो नाती इस तिथि पर नाना-नानी का श्राद्ध कर सकता है। इस दिन किए गए पिंडदान और तर्पण से घर में सुख-शांति और बरकत आती है। इसके साथ ही इस दिन किया गया श्राद्ध पाप कर्मों को नष्ट करने वाला भी माना जाता है।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)ये भी पढ़ें-