4 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि और रविवार का दिन है। नवमी तिथि रविवार को देर रात 3 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। 4 अक्टूबर को नवमी तिथि वालों का श्राद्ध किया जायेगा। रविवार को दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक परिघ योग रहेगा। परिघ योग में शत्रु के विरूद्ध किए गए कार्य में सफलता मिलती है अर्थात शत्रु पर विजय अवश्य मिलती है। साथ ही रविवार को रात 12 बजकर 14 मिनट तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। 4 अक्टूबर को मातृ नवमी का श्राद्ध भी रहेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए रविवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
4 अक्टूबर 2026 का पंचांग
- आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि- 4 अक्टूबर 2026 को नवमी तिथि आज देर रात 3 बजकर 54 मिनट तक
- परिघ योग- 4 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक
- पुनर्वसु नक्षत्र- 4 अक्टूबर को रात 12 बजकर 14 मिनट तक
- 4 अक्टूबर 2026 विशेष- नवमी तिथि श्राद्ध, मातृ नवमी श्राद्ध
4 अक्टूबर 2026 नवमी तिथि (मातृ नवमी) श्राद्ध मुहूर्त
- कुतुप मूहूर्त - 12:03 पी एम से 12:51 पी एम
- रौहिण मूहूर्त - 12:51 पी एम से 01:39 पी एम
- अपराह्न काल - 01:39 पी एम से 04:01 पी एम
राहुकाल का समय
- दिल्ली- शाम 04:35 से शाम 06:04 तक
- मुंबई- शाम 04:55 से शाम 06:25 तक
- चंडीगढ़- शाम 04:36 से शाम 06:05 तक
- लखनऊ- शाम 04:21 से शाम 05:50 तक
- भोपाल- शाम 04:36 से शाम 06:05 तक
- कोलकाता- दोपहर बाद 03:52 से शाम 05:21 तक
- अहमदाबाद- शाम 04:55 से शाम 06:24 तक
- चेन्नई- शाम 04:27 से शाम 05:57 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 06:15 बजे
- सूर्यास्त- शाम 06:03 बजे
मातृ नवमी श्राद्ध के बारे में
रविवार को मातृ नवमी है और यह दिन महिला पितरों को समर्पित है। मातृ नवमी के दिन दिवंगत दादियों, सास, माताओं, बहनों, बेटियों और सुहागिन महिलाओं की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। मातृ नवमी के दिन किया गया श्राद्ध न केवल दिवंगत स्त्री पितरों को तृप्त करता है बल्कि घर में स्त्रियों की रक्षा, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की दृष्टि से भी अत्यंत फलदायी माना गया है। इसके अलावा 4 अक्टूबर को नवमी तिथि वालों का श्राद्ध कर्म भी किय जाएगा।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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