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जितिया का पारण कब और कैसे करें? नोट कर लें व्रत खोलने का सही समय, विधि और नियम

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Oct 03, 2026 09:45 am IST,  Updated : Oct 03, 2026 09:45 am IST

जितिया व्रत का पारण 4 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। जितिया पारण शुभ मुहूर्त और विधि, नियम के साथ करना चाहिए। तभी जितिया व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

जितिया पारण 2026- India TV Hindi
जितिया पारण 2026 Image Source : INDIA TV

जितिया के दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। इस साल जितिया का व्रत 3 अक्टूबर 2026 को रखा जा रहा है। इस दिन भगवान जीमूतवाहन की पूजा की जाती है। जितिया मुख्य रूप से झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के कई क्षेत्रों में मनाया जाता है। यह व्रत स्त्रियों की तपस्या, मातृत्व प्रेम एवं निष्ठा का प्रतीक है। श्रद्धापूर्वक यह व्रत करने से संतान दीर्घायु, निरोगी और तेजस्वी होता है। साथ ही संतान का जीवन सुख-समृद्धि से भरा रहता है। आपको बता दें कि जितिया व्रत में पारण दिन का विशेष महत्व होता है। जितिया व्रत शुभ मुहूर्त में ही खोला जाता है। तो यहां जानिए मुहूर्त , विधि और नियम के बारे में।

जितिया व्रत 2026 पारण का समय

जितिया व्रत का पारण दूसरे दिन नवमी तिथि में किया जाता है। इस साल जितिया पारण 4 अक्टूबर 2026, रविवार को किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, जितिया का पारण  4 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 28 मिनट के बाद किया जाएगा। नवमी तिथि में व्रत का पारण सबसे उत्तम माना गया है। पारण के दिन व्रती महिलाएं जल और अन्न ग्रहण कर अपना व्रत खोल सकती हैं।

जितिया व्रत पारण विधि

  • जितिया व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहन लें। 
  • इसके बाद तांबे के लोटे में जल लाल फूल और अक्षत मिलाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।
  • पूजा स्थल पर धूप-दीप जलाकर जीमूतवाहन, चील और सियारिन का ध्यान करते हुए जल और प्रसाद अर्पित करें।
  • अब सबसे पहले प्रसाद परिवार के सदस्यों को बांटें।
  • इसके बाद भगवान को चढ़ाए गए जल और प्रसाद से अपना व्रत खोलें।
  • प्रसाद ग्रहण करने के बाद सात्विक भोजन खाएं।
  • जितिया पारण के दिन नोनी का साग और झिंगनी (तोरी) की सब्जी जरूर खाएं।

जितिया व्रत पारण नियम

  • जितिया व्रत के दिन सात्विक भोजन ही खाएं। इसमें लहसुन-प्याज का इस्तेमाल न करें।
  • पारण के दिन भोजन करने से पहले ब्राह्मण या जरूरतमंद को अन्न, धन, भोजन या अनाज का दान करें या अलग से निकाल कर रख दें। 
  • जितिया व्रत का पारण अष्टमी तिथि में नहीं किया जाता है।
  • जितिया का पारण 4 अक्टूबर  को सुबह 07:28 बजे के बाद ही करें। इसके बाद ही अन्न और जल ग्रहण करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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