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5 सितंबर 2026 का पंचांग: शनिवार को रखा जाएगा गोगा नवमी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

 Written By: Acharya Indu Prakash Edited By: Naveen Khantwal
 Published : Sep 04, 2026 05:58 pm IST,  Updated : Sep 04, 2026 06:36 pm IST

शनिवार 5 सितंबर के दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। इसके साथ ही शनिवार के दिन गोगा नवमी का व्रत भी रखा जाएगा। आइए पंचांग के जरिए जानते हैं शनिवार का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय।

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पंचांग Image Source : INDIA TV

शनिवार 5 सितंबर के दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। इसके साथ ही शनिवार के दिन गोगा नवमी का व्रत भी रखा जाएगा। मुख्य रूप से गोगा नवमी का व्रत राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के कुछ इलाकों में रखा जाता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि शनिवार के दिन का शुभ मुहूर्त कब रहेगा और राहुकाल का समय क्या होगा। 

5 सितंबर 2026 का पंचांग

  • भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि- 5 सितंबर 2026 को रात 9 बजकर 54 मिनट तक
  • मृगशिरा नक्षत्र-  5 सितंबर को रात 9 बजकर 31 मिनट तक
  • 5 सितंबर 2026 विशेष- गोगा नवमी का व्रत

5 सितंबर 2026 शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:52 ए एम से 05:38 ए एम
  • प्रातः सन्ध्या- 05:15 ए एम से 06:24 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:12 पी एम से 01:02 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:41 पी एम से 03:31 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:50 पी एम से 07:13 पी एम
  • सायाह्न सन्ध्या- 06:50 पी एम से 07:59 पी एम
  • अमृत काल- 01:17 पी एम से 02:46 पी एम

5 सितंबर 2026 राहुकाल का समय 

  • दिल्ली- सुबह 09:10 से सुबह 10:45 तक
  • मुंबई- सुबह 09:31 से दोपहर पहले 11:04 तक
  • चंडीगढ़- सुबह 09:11 से सुबह 10:46 तक
  • लखनऊ- सुबह 08:56 से सुबह 10:31 तक
  • भोपाल- सुबह 09:11 से सुबह 10:45 तक
  • कोलकाता- सुबह 08:28 से सुबह 10:01 तक
  • अहमदाबाद- सुबह 09:30 से दोपहर पहले 11:04 तक
  • चेन्नई- सुबह 09:03 से सुबह 10:35 तक

गोगा नवमी 

यह पर्व मुख्यतः राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में गोगाजी महाराज के जन्मोत्सव के रूप में बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। गोगा जी को योग,तप और मंत्रों के प्रभाव से ऐसी सिद्धियां प्राप्त हुई कि बाद में

इन्हें राजस्थान के लोक देवता के रूप में पूजा जाने लगा। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी में इनका एक बहुत बड़ा मंदिर भी स्थित है। गोगा नवमी की पूजा के लिये रसोईघर की दीवार पर हल्दी व चंदन से गोगाजी के प्रतीक स्वरूप तस्वीर बनाई जाती है और उसमें तवे की कालिख या कोयले से रंग भरा जाता है। साथ ही खेतों में खर-पतवार के रूप में खड़ी जांटी पौधे की टहनी या फिर गोगा नाम के पौधे को लाकर उसकी विधि-विधान से पूजा की जाती है | जिसे शाम के समय किसी नदी या तालाब में बहा दिया जाता है। गोगा नवमी की पूजा विधि के बारे में आप हमारी वेबसाइट पर विस्तार से पढ़ सकते हैं। 

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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