जन्माष्टमी का पावन पर्व इस साल 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और रात 12 बजे बाल गोपाल के जन्म की खुशियां मनाते हैं। यह पर्व भगवान कृष्ण के भक्तों के लिए बेहद खास होता है। मान्यता है कि इस दिन जो कोई व्रत रखकर विधि विधान कान्हा की पूजा करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। बता दें जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11:57 से 12:43 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में भगवान कृष्ण का अभिषेक करें और उनके जन्म का बधाई गीत गाकर उनके आगमन की खुशियां मनाएं। चलिए जानते हैं नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गीत के संपूर्ण लिरिक्स।
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की लिरिक्स

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की ।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की ।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
॥ आनंद उमंग भयो...॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की ।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की ।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
पूनम के चाँद जैसी, शोभा है बाल की ।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
भक्तो के आनंद्कनद, जय यशोदा लाल की ।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
जय हो यशोदा लाल की, जय हो गोपाल की ।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
आनंद से बोलो सब, जय हो बृज लाल की ।
हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
जय हो बृज लाल की, पावन प्रतिपाल की ।
गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
॥ बृज में आनंद भयो...॥
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