1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Adhik Maas 2026: सोने जैसा फल देता है अधिक मास (मलमास) का दान, देखें उन चीजों की लिस्ट जो खोल देंगी तरक्की के रास्ते

Adhik Maas 2026: सोने जैसा फल देता है अधिक मास (मलमास) का दान, देखें उन चीजों की लिस्ट जो खोल देंगी तरक्की के रास्ते

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : May 09, 2026 02:28 pm IST,  Updated : May 09, 2026 02:28 pm IST

Adhik Maas 2026: अधिक मास यानी मलमास में दान का खास महत्व बताया गया है। अधिक मास में इन चीजों का दान करने से व्यक्ति को पुण्य लाभ मिलते हैं। तो यहां जानिए कि अधिक मास में क्या-क्या दान करना चाहिए।

अधिक मास में दान का महत्व- India TV Hindi
अधिक मास में दान का महत्व Image Source : PEXELS

Adhik Maas Daan Rules: अधिक मास को मलमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। यह माह भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है। अधिक मास 17 मई से शुरू हो रहा है जो कि 15 जून 2026 तक रहेगा। अधिक मास ज्येष्ठ महीने में लग रहा है इसलिए इसे 'ज्येष्ठ अधिक मास' कहा जाएगा। इस साल ज्येष्ठ का महीना 30 नहीं बल्कि 60 दिनों का होगा। आपको बता दें कि जिस अधिक मास लगता है उस वर्ष एक महीना अधिक जुड़ जाता है। आपको बता दें कि हर तीन साल में अधिक मास लगता है।

अधिक मास में दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, अधिक मास में दान करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि मलमास में दान करने से न केवल पापों का नाश होता है बल्कि रुके हुए काम भी बनने लगते हैं और आर्थिक उन्नति के द्वार खुल जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, मलमास में कुछ खास चीजों का दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। तो आइए जानते हैं कि अधिक मास में किन-किन चीजों का दान करना चाहिए।

जल और अन्न का दान

अधिक मास में अन्न और जल का दान बहुत ही पुण्यकारी माना गया है। ज्येष्ठ में गर्मी अपने चरम सीमा पर रहती है ऐसे में प्यासों को पानी पिलाना बहुत ही पुण्य का काम माना जाता है। ऐसे में जल दान के साथ ही प्याऊ लगवाएं या पानी से भरा मटका का दान करें। राहगीरों के लिए पानी की व्यवस्था करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

मालपुआ

अधिक मास में मालपुआ का दान भी लाभदायक माना गया है। मालपुआ का दान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। वहीं बता दें कि अधिक मास में 33 की संख्या का विशेष महत्व होता है। कांसे के पात्र में 33 मालपुए रखकर दान करने से पितृ दोष दूर होता है। साथ ही व्यक्ति को धन और ऐश्वर्य की भी प्राप्ति होती है।

धार्मिक पुस्तकों का दान

अधिक मास के पावन महीने में श्रीमद्भागवत गीता या विष्णु सहस्रनाम जैसी धार्मिक पुस्तकों का दान करें। इससे आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। साथ ही ज्ञान और मानसिक शांति की भी प्राप्ति होगी।

पीले वस्त्रों का दान

अधिक मास का महीना भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसे में इस माह में किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को पीले वस्त्र दान करने से करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। इसके साथ ही कुंडली में 'गुरु' (बृहस्पति) ग्रह मजबूत होता है। इससे करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

दीपदान

अधिक मास में दीपदान का विशेष महत्व होता है। ऐसे में इस माह में दीप दान जरूर करें। अधिक मास में  किसी मंदिर, पवित्र नदी के किनारे या तुलसी के पास शाम के समय घी का दीपक जलाने से घर की नकारात्मकता खत्म होती है और लक्ष्मी जी का स्थायी वास होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Adhikmas 2026: अधिकमास में वर्जित हैं शुभ कार्य, लेकिन भगवान विष्णु ने क्यों दिया इसे अपना नाम? यहां जानें

Adhik Maas 2026: इस दिन से शुरू होगा अधिक मास, जानें इस महीने में क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।