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Adhik Maas Pradosh Vrat 2026: 28 मई को अधिक मास का पहला प्रदोष व्रत, जान लें इसकी पूजा विधि और मुहूर्त

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : May 27, 2026 07:03 am IST,  Updated : May 27, 2026 07:03 am IST

Adhik Maas Pradosh Vrat 2026: धार्मिक मान्यताओं अनुसार अधिक मास यानी मलमास में पड़ने वाले प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। जो इस बार 28 मई को मनाया जा रहा है। यहां आप जानेंगे इसकी पूजा विधि और मुहूर्त।

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अधिक मास प्रदोष व्रत 2026 Image Source : INDIA TV

Adhik Maas Pradosh Vrat 2026: 28 मई को गुरुवार है इसलिए ये गुरु प्रदोष व्रत कहलाएगा। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार गुरु प्रदोष व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं होती। इतना ही नहीं ये व्रत मोक्ष की भी प्राप्ति कराता है। इस व्रत की मुख्य पूजा प्रदोष काल के समय की जाती है। इस मुहूर्त में श्रद्धालु भगवान शिव की विधि विधान पूजा करने के बाद कथा का श्रवण करते हैं। चलिए आपको बताते हैं गुरु प्रदोष व्रत की पूजा विधि और मुहूर्त।

गुरु प्रदोष व्रत मुहूर्त 2026 (Guru Pradosh Vrat Muhurat 2026)

  • गुरु प्रदोष व्रत - 28 मई 2026, गुरुवार
  • गुरु प्रदोष पूजा मुहूर्त - 07:12 PM से 09:15 PM
  • दिन का प्रदोष समय - 07:12 PM से 09:15 PM
  • त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - 28 मई 2026 को 07:56 AM बजे
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त - 29 मई 2026 को 09:50 AM बजे

गुरु प्रदोष व्रत पूजा विधि (Guru Pradosh Vrat Puja Vidhi)

  • गुरु प्रदोष व्रत में ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद व्रत रखने का संकल्प लें।
  • भगवान शिव की प्रतिमा पर बेलपत्र, जल, दूध, धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाएं।
  • फिर सूर्यास्त के समय फिर से स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • विधि विधान शिव की पूजा करें और साथ ही इस समय गुरु प्रदोष व्रत की कथा भी सुनें।
  • शिव जी के मंत्रों का जाप करें।
  • भगवान शिव को फल और मिठाई का भोग लगाएं।
  • इसके बाद भगवान शिव की आरती कर पूजा संपन्न करें।

प्रदोष व्रत में क्या खा सकते हैं?

प्रदोष व्रत कोई फलाहारी रहता है तो कोई एक समय भोजन करके ये व्रत रखता है। अगर आप फलाहारी व्रत रहते हैं तो दिन भर सिर्फ फल या व्रत वाली चीजों का ही सेवन कर सकते हैं। वहीं अगर आप ये व्रत एक समय भोजन करके रखते हैं तो शाम की पूजा के बाद आप सात्विक भोजन ग्रहण कर सकते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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