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अमावस्या के दिन किस समय जलाएं दीपक? जानिए सबसे शुभ समय और इसका धार्मिक महत्व

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Jul 25, 2026 09:25 pm IST,  Updated : Jul 25, 2026 09:26 pm IST

अमावस्या के दिन दीपदान का बहुत महत्व बताया गया है। इस समय श्रद्धा से किया गया दीपदान सुख-समृद्धि और पितरों की कृपा का प्रतीक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन दीपक जलाने का भी एक शुभ बताया गया है, जो बहुत लाभदायी माना जाता है।

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अमावस्या के दिन किस समय दीपक जलाएं Image Source : PINTEREST

अमावस्या तिथि को पूजा-पाठ, पितरों के स्मरण और दीपदान के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। लेकिन बहुत से लोग नहीं जानते होंगे कि अमावस्या पर दीपक जलाने का भी शुभ समय होता है। इससे जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं हैं। चलिए जानते हैं अमावस्या पर दीपक जलाने का सबसे शुभ समय और इसका महत्व।

अमावस्या का धार्मिक महत्व

अमावस्या को सनातन धर्म में विशेष तिथि माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और पितरों की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि दीपक जलाना अंधकार पर प्रकाश, नकारात्मकता पर सकारात्मकता की जीत का प्रतीक है। इसलिए इस दिन दीपदान करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

कब जलाएं दीपक?

धार्मिक जानकारों के अनुसार, अमावस्या के दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में दीपक जलाना सबसे शुभ होता है। इस समय भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और पितरों का स्मरण करते हुए दीप प्रज्वलित करने की परंपरा है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया दीपदान पुण्यदायी माना जाता है।

कहां और किस तेल का दीपक?

घर के मंदिर, मुख्य द्वार और दक्षिण दिशा में दीपक जलाना शुभ होता है। इस दिशा में दीपक जलाने का संबंध पितरों की शांति और कृपा से भी होता है। तिल के तेल का दीपक पितृ कार्यों और दोषों की शांति के लिए शुभ बताया है, जबकि देसी घी का दीपक भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति की कामना से जलाया जाता है। आप दीपक जलाने के लिए इनमें से किसी भी सामग्री का उपयोग कर सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

दीपक हमेशा साफ और पवित्र स्थान पर रखें। उसे पूरी श्रद्धा और शांत मन से जलाएं। दीपक को फूंक मारकर बुझाने से बचें और पूजा के दौरान ईश्वर का स्मरण करते रहें। मान्यताओं के अनुसार, दीपदान का शुभफल तभी मिलता है, जब उसके साथ स्वच्छता, श्रद्धा और सकारात्मक भाव भी जुड़े हों। अमावस्या पर दीपक जलाना सकारात्मक सोच और आत्मिक शांति का प्रतीक भी माना जाता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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