देवशयनी एकादशी को विष्णु जी की आराधना के लिए बेहद शुभ अवसर है। आज ही के दिन से चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस दिन किए गए पूजा-पाठ, दान और कुछ विशेष उपाय बहुत लाभकारी माने गए हैं। कहते हैं कि इस एक रात किया गया एक छोटा-सा उपाय पूरे साल सुख-समृद्धि और आर्थिक खुशहाली दिला सकता है। अगर आज आप इस अवसर का लाभ लेने से चूकते हैं, तो फिर पूरे एक साल इंतजार करना पड़ेगा। आइए जानते हैं आखिर यह उपाय क्या है और इसे कैसे किया जाता है।
क्यों खास है देवशयनी एकादशी?
सनातन धर्म में देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु 4 महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और यहीं से चातुर्मास की शुरुआत होती है। अब सृष्टि का कार्यभार महादेव संभालेंगे। इस दौरान पूजा, जप, तप और दान-पुण्य का विशेष फल मिलने की बात कही जाती है। इसलिए इस एकादशी को आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे में आज का दिन श्रीहरि विष्णु की कृपा पाने का खास अवसर माना जाता है।
क्या है वह छोटा उपाय?
लोकमान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी की रात पूजा के बाद एक साफ पीले कपड़े में हल्दी की गांठ बांधकर तकिए के नीचे रखी जाती है। हल्दी को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का प्रिय माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह उपाय आर्थिक परेशानियों से राहत दिला सकता है।
कैसे करें यह उपाय?
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें। उन्हें पीले फूल, तुलसी दल और पीले वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का जाप करें। रात में हल्दी की गांठ को पीले कपड़े में बांधकर तकिए के नीचे रखें और भगवान विष्णु से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। अगले दिन इस हल्दी की गांठ को तिजोरी, धन रखने के स्थान या पूजा घर में रख दें।
क्या सच में मिलता है लाभ?
माना जाता है कि श्रद्धा के साथ किए गए धार्मिक कर्म व्यक्ति में आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं। हालांकि, आर्थिक स्थिति में सुधार केवल किसी एक उपाय से नहीं होता। मेहनत, सही फैसले, अनुशासित जीवन और धन का प्रबंधन भी समृद्धि के लिए उतना ही जरूरी है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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