बुध ग्रह 24 अक्टूबर को तुला राशि में वक्री गति शुरू कर देंगे और 13 नवंबर तक वक्री अवस्था में ही रहेंगे। बुध का वक्री यूं तो राशिचक्र की सभी राशियों पर कुछ-न-कुछ प्रभाव डालेगा लेकिन 2 राशियों मिथुन और कन्या के लिए बुध का वक्री होना सबसे महत्वपूर्ण होगा। बुध, मिथुन और कन्या राशि के स्वामी हैं ऐसे में बुध के वक्री होने से इन दोनों राशियों को करियर और शिक्षा के क्षेत्र में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों बुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं और 24 अक्टबूर से वक्री अवस्था में होंगे। बुध के वक्री होने से मानसिक परेशानियों का सामना आपको करना पड़ सकता है। इस दौरान कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें नहीं तो नुकसान उठाना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में संभलकर आपको रहना होगा, आज के काम को कल पर टालेंगे तो छवि खराब हो सकती है। इस राशि के जातकों को किसी भी दस्तावेज पर साइन करने से पहले उसे सावधानी से पढ़ना चाहिए। विद्यार्थियों की एकाग्रता भंग हो सकती है, योग-ध्यान करना आपके लिए सही रहेगा। इस राशि के कुछ लोगों को एलर्जी की समस्या हो सकती है। उपाय के तौर पर आपको भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए और गणेश मंत्रों का जप करना चाहिए।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों आपकी राशि के स्वामी भी बुध ग्रह हैं इसलिए बुध का वक्री होना आपके लिए भी प्रतिकूल साबित हो सकता है। कारोबारियों को धन का निवेस सोच-समझकर करना होगा वरना नुकसान हो सकता है। नौकरी की तलाश में हैं तो कड़ी मेहनत करने की आपको जरूरत होगी। इस राशि के जातकों को सामाजिक स्तर पर बातचीत के दौरान शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए वरना आपकी छवि खराब हो सकती है। आलस्य आप पर हावी हो सकता है जिसके कारण जरूरी कामों को करने में देरी हो सकती है। सेहत को लेकर इस राशि वालों को सावधान रहना चाहिए, ऐसे खाद्य पदार्थ खाने से बचें जो आपको आसानी से पचते नहीं है। विद्यार्थियों को गलत संगति से दूर रहना चाहिए वरना समय बर्बाद हो सकता है। उपा के तौर पर माता दुर्गा की पूजा आपको करनी चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें: