Ram Ji Ki Aarti, Dussehra 2025: दशहरा पर्व इस साल 2 अक्तूबर 2025 को मनाया जा रहा है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 02:09 पी एम से 02:56 पी एम तक रहेगा और दशमी तिथि शाम 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। दशहरा पर रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है। रावण दहन से पहले भगवान राम की आरती की जाती है। यहां हम आपको बताएंगे दशहरा की आरती के लिरिक्स।
Dussehra Aarti: श्री राम जी की आरती लिरिक्स (Shri Ram Ji Ki Aarti Lyrics)
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥
कन्दर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि नोमि जनक सुतावरं ॥२॥
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥
शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु कामादि खलदल गंजनं ॥५॥
मन जाहि राच्यो मिलहि सो वर सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील स्नेह जानत रावरो ॥६॥
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
॥सोरठा॥
जानी गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि ।
मंजुल मंगल मूल वाम अङ्ग फरकन लगे।

दशहरा का पूजा मंत्र (Dussehra Puja Mantra)
- राम रामाय नम:
- ॐ अपराजितायै नमः
- ॐ विजयायै नमः
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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