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Govardhan Puja Vidhi, Katha, Shubh Muhurat LIVE: शुरू हुआ गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त, जान लें पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती सबकुछ

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Updated : Oct 23, 2025 10:53 pm IST

Govardhan Puja 2025 Shubh Muhurat, Puja Vidhi LIVE: गोवर्धन पूजा का त्योहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। इस साल ये तिथि 21 अक्टूबर की शाम 05:54 से शुरू होकर 22 अक्टूबर की रात 08:16 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के हिसाब से गोवर्धन पूजा का त्योहार 22 अक्टूबर 2025, बुधवार को मनाया जाएगा।

govardhan puja- India TV Hindi
गोवर्धन पूजा विधि और मुहूर्त Image Source : CANVA

Govardhan Puja 2025 Shubh Muhurat, Puja Vidhi​: गोवर्धन पूजा यानी अन्नकूट पूजा का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भक्त अपने घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन भगवान की मूर्ति बनाकर उसे फूलों से सजाते हैं। फिर भगवान को कई तरह के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। आमतौर पर भगवान गोवर्धन को लेटे हुए पुरुष के रूप में बनाया जाता है और उनकी नाभि के स्थान पर मिट्टी का दीपक रखा जाता है। पूजा करते समय इस दीपक में दूध, दही, शहद, गंगाजल, बताशे आदि डाले जाते हैं। बाद में इन्हें प्रसाद रूप में सभी में बांट दिया जाता है। जानिए इस साल गोवर्धन पूजा कब है और इसकी पूजा विधि क्या है।

गोवर्धन पूजा शुभ मुहूर्त 2025 (Govardhan Puja Shubh Muhurat 2025)

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त 22 अक्टूबर 2025 की सुबह 06:30 से 08:47 बजे तक रहेगा। वहीं गोवर्धन पूजा का शाम का समय दोपहर 03:36 से शाम 05:52 बजे तक रहेगा। 

गोवर्धन पूजा विधि (Govardhan Puja Vidhi)

  • गोवर्धन पूजा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • यदि आपके घर में गाय या फिर बछड़ा है, तो उन्हें रंगों और मोरपंख से सजाएं और उनके सींग पर तेल या गेरू लगाएं।
  • शुभ मुहूर्त में गोवर्धन भगवान की आकृति बनाएं।
  • साथ में मवेशियों और गाय, बछड़े की भी आकृति बनाएं।
  • पर्वत और आकृतियों को अपमार्ग (चिरचिटा) से सजाएं।
  • फिर विधि-विधान गोवर्धन की पूजा करें।
  • गोवर्धन भगवान की नाभि वाली जगह पर एक मिट्टी का दीपक रखा जाता है। फिर इस दीपक में दही, गंगा जल, शहद, बताशे, दूध आदि चीजें डालें और पूजा के बाद इसे प्रसाद रूप में सभी लोगों में बांट दें।
  • परिक्रमा के समय हाथ में कलश लेकर जल की धारा डालते हुए सात बार परिक्रमा करें।
  • ध्यान रहे कि ये परिक्रमा जौ के बीज बिखेरते हुए पूरी करनी है।
  • इस दिन भगवान कृष्ण की भी पूजा होती है। इसके लिए भगवान की प्रतिमा को दूध, दही और गंगाजल से स्नान कराएं।
  • पुष्प, कुमकुम-हल्दी, चन्दन और अक्षत चढ़ाएं।
  • षोडशोपचार पूजन करें और अंत में आरती करके पूजन संपन्न करें।

गोवर्धन पूजा की आरती (Govardhan Puja Ki Aarti)

  • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
  • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
  • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
  • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
  • तोपे* पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
  • तोपे चढ़े दूध की धार ।
  • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
  • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
  • तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
  • ठोड़ी पे हीरा लाल ।
  • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
  • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
  • तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
  • तेरी झांकी बनी विशाल ।
  • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
  • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
  • तेरी सात कोस की परिकम्मा,
  • चकलेश्वर है विश्राम ।
  • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
  • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
  • गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।

गोवर्धन पूजा 2025 के लिए मंत्र (Govardhan Puja Mantra)

  • “ॐ गोवर्धनाय नमः”
  • ऊं श्रीकृष्णाय गोवर्धनाय नमः

(गोवर्धन पूजा से जुड़ी हर एक जानकारी के लिए बने रहें इस लाइव ब्लॉग पर...)

Govardhan Puja 2025 LIVE

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  • 5:41 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    गोवर्धन पूजा विधि और मंत्र

    गोवर्धन भगवान की प्रतिमा बनाने के बाद शाम को पूजा की जाती है। इसकी तैयारी के लिए एक थाली में चावल, रोली, बताशे, खीर, जल, दूध आदि रखें। अब शाम को गोवर्धन भगवान के सामने एक दीप जलाएं।
    दीपक जलाने के बाद 'गोवर्धन धराधार गोकुल- त्राणकारक, विष्णुबाहुकृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रदो भव।' मंत्र का जाप करें और फूल अर्पित करें। प्रार्थना करें और 'लक्ष्मीर्या लोकपालानां धेनुरूपेण संस्थिता, घृतं वहति यज्ञार्थे मम पापं व्यपोहतु' मंत्र पढ़े। अब गोवर्धन पूजा में 'ओम नमः श्री वासुदेवाय, ओम गोवर्धनाय नमः, ओम श्री गोवर्धनाय नमः।' मंत्र का जाप करें। इसके बाद गोवर्धन महाराज को भोग लगाएं और फिर प्रसाद सभी को बांट दें। इस प्रकार विधि-विधान से गोवर्धन की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं।

  • 4:22 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    गोवर्धन पूजा भोग में अर्पित करें ये चीजें

    कार्तिक मास की शुक्ल की प्रतिपदा तिथि पर गोवर्धन महाराज को कुछ चीजों को भोग जरूर लगाना चाहिए। आप अपने सामर्थ्य के अनुसार, साग, दाल, भात, कढ़ी आदि। मीठे में खीर, पूरी, हलवा, पेड़े, बर्फी, लड्डू जलेबी आदि। फलों में अनार, सीताफल, केले आदि, सब्जियों में मूली, साग, बैंगन, आदि। इसके अलावा, चटनी, मुरब्बे जैसी खट्टे-मीठे चीजों का भोग लगा सकते हैं। इस प्रकार अलग-अलग तरह के पकवान, भोजन, मिष्ठान आदि का भोग लगाना चाहिए।

     

  • 4:00 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    शुभ मुहूर्त में करें गोवर्धन पूजा

    पहला मुहूर्त: सुबह 6:26 से 8:42 बजे तक
    दूसरा मुहूर्त: दोपहर 3:29 से शाम 5:44 बजे तक
    तीसरा मुहूर्त: गोधूली वेला में शाम 5:44 से 6:10 बजे तक

    इन तीनों मुहूर्तों में गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का आयोजन शुभ माना गया है।

  • 3:03 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    गोवर्धन पूजा सामग्री

    मिट्टी या खाद से बने गोवर्धन पर्वत, फूल, दीपक, जल, दूध, अन्नकूट, नारियल और बालक के लिए दीपक।

  • 1:30 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Puja Bhog: गोवर्धन पूजा में क्यों लगाते हैं छप्पन भोग

    गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इस भोग से जुड़ी एक दिलचस्प कथा भी है। कहते हैं माता यशोदा कृष्ण जी को आठ पहर भोजन कराती थीं। जब इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों को बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था तो कहते हैं इस दौरान श्रीकृष्ण ने सात दिनों तक अन्न-जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया था। तब ब्रजवासियों और माता यशोदा ने मिलकर बाल गोपाल के लिए 56 व्यंजन बनाए क्योंकि माता यशोदा कृष्ण जी को आठ पहर भोजन कराती थी तो 7 दिन के हिसाब से 7X8 = 56 व्यंजन हुए। कहते हैं तभी से 56 भोग भगवान कृष्ण का प्रिय माना जाता है। इस भोग में मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा और कसैला हर प्रकार के स्वाद का भोजन शामिल होता है।

  • 1:01 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Puja Photo: गोवर्धन पूजा फोटो

    यह पूजा भगवान श्री कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों और उनकी गायों को वर्षा और संकट से बचाने की घटना की याद में मनाई जाती है।

    govardhan puja
    Image Source : PTIगोवर्धन पूजा फोटो

  • 12:09 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    श्री गोवर्धन महाराज आरती लिरिक्स

    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तोपे* पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
    • तोपे चढ़े दूध की धार ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
    • ठोड़ी पे हीरा लाल ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
    • तेरी झांकी बनी विशाल ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तेरी सात कोस की परिकम्मा,
    • चकलेश्वर है विश्राम ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।
  • 11:35 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Puja: गोवर्धन पूजा 2025 पर क्या न करें

    • गोवर्धन पर्वत को बिना श्रद्धा या जल्दबाजी में न बनाएं।
    • पूजा के समय झगड़े न करें।
    • अन्नकूट में रखा भोजन किसी तरह की बर्बादी न होने दें।
    • पूजा में शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।
  • 11:08 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    गोवर्धन महाराज के भजन

    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तोपे* पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
    • तोपे चढ़े दूध की धार ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
    • ठोड़ी पे हीरा लाल ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
    • तेरी झांकी बनी विशाल ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तेरी सात कोस की परिकम्मा,
    • चकलेश्वर है विश्राम ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।
  • 10:32 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Puja Vidhi: गोवर्धन पूजा विधि और नियम

    • इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है।
    • इसके बाद उन पर धूप, दीप, नवैद्य, जल,फल और फूल अर्पित किए जाते हैं।
    • इस दिन गाय, बैल और खेती किसानी में सहायक सभी पशुओं की पूजा करने का भी विशेष महत्व माना जाता है।
    • गोवर्धन जी की नाभि पर एक छोटा मिट्टी का दीपक रखा जाता है।
    • इस दीपक में दूध, दही, गंगाजल, शहद और बताशे डालकर बाद में उसे प्रसाद के रूप में सभी में बांटा जाता है।
    • पूजा संपन्न होने के बाद सात परिक्रमा की जाती है। परिक्रमा करते समय भक्त हाथ में जल से भरा लोटा रखते हैं और धीरे-धीरे जल अर्पित करते हुए साथ ही जौ बोते जाते हैं।
  • 10:02 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Gaovardhan Images: गोवर्धन भगवान की फोटो

    गोवर्धन भगवान की आकृति इस तरह से बनाएं कि उनका मुख पश्चिम दिशा की तरह रहे।

    govardhan puja
    Image Source : INSTAGRAMगोवर्धन फोटो

  • 9:11 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    गोवर्धन पूजा की पौराणिक कथा (Govardhan Puja Katha)

    गोवर्धन पूजा की पौराणिक कथा के अनुसार, ब्रज में लोग हर साल इंद्रदेव की पूजा किया करते थे ताकि वर्षा अच्छी हो और उनकी फसलें हरी-भरी रहें। इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए भव्य भेंट और अनाज अर्पित किया जाता था। जब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज के लोगों को इंद्रदेव की पूजा करते देखा तो उन्होंने ब्रजवासियों को समझाया कि असली पूजा प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की करनी चाहिए, क्योंकि यही हमारी जीविका और जीवन का आधार हैं। श्रीकृष्ण जी के कहने पर सभी ने गोवर्धन पर्वत की पूजा करना शुरू कर दिया। जब इंद्रदेव को इस बात का पता चला कि लोग उनकी पूजा न करके गोवर्धन पर्वत की पूजा कर रहे हैं तो उन्होंने क्रोधित होकर ब्रज में भारी वर्षा और आंधी तूफान ला दिया। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाया और सभी ब्रजवासियों और उनकी गायों को तेज बारिश और तूफान से बचाया। कहते हैं तभी से हर साल कार्तिक मास की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाने लगा। इस दिन गोवर्धन का छोटा पर्वत बनाया जाता है और उसकी पूजा की जाती है और विविध प्रकार के पकवान अर्पित किए जाते हैं।

  • 8:36 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    गोवर्धन पूजा शाम का मुहूर्त 2025

    गोवर्धन पूजा का शाम का मुहूर्त 03:36 पी एम से 05:52 पी एम तक रहेगा। कुछ लोग शाम के समय गोवर्धन भगवान की पूजा करते हैं।

     

  • 8:33 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Kaise Banaye: गोवर्धन कैसे बनाएं

    • गोवर्धन बनाने के लिए ताजा गाय का गोबर, तुलसी पत्ता, कंडे, दीया, हल्दी, कुमकुम, थोड़ी सी मिटटी, फूल, लकड़ी की प्लेट या चौका इत्यादि चीजों की जरूरत पड़ेगी।
    • फिर जहां गोवर्धन बनाना है उस स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर लें।
    • फिर गोबर का एक बड़ा ढेर बनाकर पहाड़ी का आकार दें।
    • फिर एक लकड़ी से इस ढांचे की आंख, नाक बनाकर इसे एक चेहरे का आकार दें।
    • बनाए गई आकृति को सूखने के बाद मुकुट और कपड़े पहना दें। 
    • इसके बाद गोबर से छोटे-छोटे गोले बनाकर गाय, बछड़े और पेड़ की आकृतियां भी तैयार करें।
    • पहाड़ी के बीच में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा रखें।
    • बनाए गई गोवर्धन प्रतिमा के आसपास फूल, फूलों की माला, खील और हल्दी-कुमकुम से सजावट करें।
    • फिर गोवर्धन भगवान के माथे पर सफेद या पीले रंग का तिलक लगाएं और उन्हें फूल अर्पित करें।
  • 8:02 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Puja Ke Din Kya Kare: गोवर्धन पूजा 2025 पर क्या करें

    • घर में गोबर से छोटा गोवर्धन पर्वत बनाएं।
    • फिर उसे फूल, दीपक, जल, दूध, गेहूं, चावल और मिठाई अर्पित करें।
    • विविध प्रकार के पकवान अन्नकूट के रूप में अर्पित करें।
    • गोवर्धन पूजा की कथा सुनें, इससे पूजा का पुण्य बढ़ता है।
    • इस दिन गरीबों को दान करना शुभ माना जाता है।
  • 7:18 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    आरती कुंजबिहारी की (Aarti Kunj Bihari Ki)

    • आरती कुंजबिहारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    • आरती कुंजबिहारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    • गले में बैजंती माला,
    • बजावै मुरली मधुर बाला ।
    • श्रवण में कुण्डल झलकाला,
    • नंद के आनंद नंदलाला ।
    • गगन सम अंग कांति काली,
    • राधिका चमक रही आली ।
    • लतन में ठाढ़े बनमाली
    • भ्रमर सी अलक,
    • कस्तूरी तिलक,
    • चंद्र सी झलक,
    • ललित छवि श्यामा प्यारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    • आरती कुंजबिहारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    • कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
    • देवता दरसन को तरसैं ।
    • गगन सों सुमन रासि बरसै ।
    • बजे मुरचंग,
    • मधुर मिरदंग,
    • ग्वालिन संग,
    • अतुल रति गोप कुमारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
    • आरती कुंजबिहारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    • जहां ते प्रकट भई गंगा,
    • सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
    • स्मरन ते होत मोह भंगा
    • बसी शिव सीस,
    • जटा के बीच,
    • हरै अघ कीच,
    • चरन छवि श्रीबनवारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
    • आरती कुंजबिहारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    • चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
    • बज रही वृंदावन बेनू ।
    • चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
    • हंसत मृदु मंद,
    • चांदनी चंद,
    • कटत भव फंद,
    • टेर सुन दीन दुखारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
    • आरती कुंजबिहारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    • आरती कुंजबिहारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
    • आरती कुंजबिहारी की,
    • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • 6:58 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    गोवर्धन पूजा की पूजन सामग्री (Govardhan Puja Samagri)

    • गाय का गोबर (गोवर्धन पर्वत बनाने के लिए)
    • मिट्टी का कलश, जल और गंगाजल
    • लाल-पीले रंग के वस्त्र और मोरपंख (गाय-बछड़े सजाने हेतु)
    • शंख, घंटा, आरती थाली
    • दीपक (घी या तेल का)
    • धूप-बत्ती
    • पुष्प (गेंदे, कमल या तुलसी)
    • रोली, हल्दी, चावल (अक्षत)
    • नैवेद्य (अन्नकूट प्रसाद)
    • दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत हेतु)
    • पान, सुपारी, लौंग, इलायची
    • गौमाता की पूजा के लिए साफ जल और घास
    • मिठाइयां
    • मौसमी फल
  • 6:36 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Aarti: गोवर्धन पूजा की आरती

    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तोपे* पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
    • तोपे चढ़े दूध की धार ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
    • ठोड़ी पे हीरा लाल ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
    • तेरी झांकी बनी विशाल ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • तेरी सात कोस की परिकम्मा,
    • चकलेश्वर है विश्राम ।
    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
    • गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।
  • 6:31 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    गोवर्धन पूजा के मंत्र (Govardhan Puja Mantra)

    • ॐ गोवर्धनाय नमः
    • ऊं श्रीकृष्णाय गोवर्धनाय नमः

     

  • 4:15 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    गोवर्धन पूजा का महत्व

    गोवर्धन पूजा हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के घंमड को चूर-चूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली में उठा लिया था। इसलिए आज भी लोग कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा पर इस घटना के उपलक्ष्य में गोवर्धन पूजा करते हैं। इसके साथ ही गोवर्धन पूजा का त्योहार प्रकृति और मानव के बीच के संबंध को भी उजागर करता है। गोवर्धन पूजा के दिन पूजा-पाठ के साथ ही दान करना भी बेहद शुभ माना जा ता है। इस दिन गोवर्धन पर्वत और भगवान कृष्ण की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। 

  • 3:05 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    गोवर्धन पूजा में 56 भोग का क्या महत्व है?

    गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इस भोग से जुड़ी एक दिलचस्प कथा भी है। कहते हैं माता यशोदा कृष्ण जी को आठ पहर भोजन कराती थीं। जब इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों को बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था तो कहते हैं इस दौरान श्रीकृष्ण ने सात दिनों तक अन्न-जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया था। तब ब्रजवासियों और माता यशोदा ने मिलकर बाल गोपाल के लिए 56 व्यंजन बनाए क्योंकि माता यशोदा कृष्ण जी को आठ पहर भोजन कराती थी तो 7 दिन के हिसाब से 7X8 = 56 व्यंजन हुए। कहते हैं तभी से 56 भोग भगवान कृष्ण का प्रिय माना जाता है। इस भोग में मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा और कसैला हर प्रकार के स्वाद का भोजन शामिल होता है।

  • 1:57 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Puja: गोवर्धन पूजा के दिन किसकी पूजा होती है

    गोवर्धन पूजा के दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। इस दिन लोग गोवर्धन पर्वत का प्रतीक बनाकर उसे फूल, धान, घास और दीपक से सजाते हैं। इसके साथ ही अन्नकूट भोग अर्पित किया जाता है।

  • 12:23 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    अन्नकूट क्या होता है?

    अन्नकूट का अर्थ है 'अन्न का ढेर' या 'अन्न का मिश्रण'। यह गोवर्धन पूजा के दौरान मनाया जाने वाला एक उत्सव है, जिसमें भगवान कृष्ण को कई प्रकार के व्यंजन अर्पित किए जाते हैं और फिर प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। यह उत्सव समृद्धि और प्रकृति के प्रति आभार का प्रतीक है। 

  • 11:45 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Puja Aarti: गोवर्धन महाराज की

    • श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
    • तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,तोपे चढ़े दूध की धार।
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
    • तेरी सात कोस की परिकम्मा,चकलेश्वर है विश्राम।
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
    • तेरे गले में कण्ठा साज रहेओ,ठोड़ी पे हीरा लाल।
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
    • तेरे कानन कुण्डल चमक रहेओ,तेरी झाँकी बनी विशाल।
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
    • गिरिराज धरण प्रभु तेरी शरण,करो भक्त का बेड़ा पार।
    • तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
  • 11:07 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    गोवर्धन कैसे बनाते हैं?

    गोवर्धन पर्वत गाय के गोबर से बनाया जाता है। गोबर से एक चौक या बॉर्डर बनाएं। फिर इसी चौक के अंदर पहाड़, भगवान कृष्ण, गाय, पेड़ पौधे आदि की आकृति बना लें। अधिकतर घरों में गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर सुबह के समय इसकी पूजा की जाती है। तो वहीं कहीं शाम के समय इसकी पूजा की जाती है।

  • 10:13 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Puja: गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है?

    गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन की जाती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र देव के घमंड को तोड़ा था। कहते हैं जब इंद्र देव ने मूसलाधार बारिश से गोकुलवासियों को डराया, तब श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी को बचाया। उसी घटना की याद में गोवर्धन पूजा की जाती है। इस दिन लोग गोबर से गोवर्धन पर्वत का प्रतीक बनाते हैं, उसे फूल, दीपक और मिठाइयों से सजाते हैं और ‘अन्नकूट’ का भोग लगाते हैं।

  • 9:19 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Govardhan Puja Photo: गोवर्धन पूजा का फोटो

    गोवर्धन पूजा का फोटो

    govardhan puja
    Image Source : PTIगोवर्धन पूजा का फोटो

     

  • 8:45 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Annakut Prasad: अन्नकूट प्रसाद

    अन्नकूट का भोग बनाने के लिए आलू, बैगन, फूल गोभी, थोड़ी सी बींस, मूली, गाजर, लौकी, अरबी, भिंडी, परवल, शिमला मिर्च, कच्चा केला, आधा कद्दू, आधा कप मेथी, अदरक, हरी मिर्च और थोड़ा हरा धनिया ले लें। वहीं अन्नकूट सब्जी के मसाले अदरक, हरी मिर्च, हरी मेथी, तेल, चुटकी हींग, जीरा, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, टेबलस्पून लाल मिर्च पाउडर, टेबलस्पून आमचूर पाउडर, नमक (स्वादानुसार), गरम मसाला और अमचूर पाउडर भी ले लें।

  • 8:13 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    गोवर्धन पूजा सरल विधि

    गोवर्धन पूजा सुबह या शाम कभी भी कर सकते हैं। इस दिन गाय के गोबर से गोवर्धन महाराज की आकृति बनाई जाती है और फिर इसे फूलों से सजाया जाता है। बनाए गए गोवर्धन की नाभि पर एक मिट्टी का दीपक रखा जाता है और इस दीपक में दही, शहद, बताशे, दूध, गंगा जल आदि चीजें डाली जाती हैं। गोवर्धन पूजा के समय लोटे से जल गिराते हुए और जौ बोते हुए 7 बार परिक्रमा की जाती है। इस दिन गाय, बैल और खेती में काम आने वाले पशुओं की भी पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।

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