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सूर्य के साथ के मिलन से बनेगा घातक ग्रहण योग, 17 अगस्त से ये 3 राशियां रहे संतर्क, हर कदम पर मंडराएगा संकट!

 Written By: Arti Azad
 Published : Aug 06, 2026 10:00 pm IST,  Updated : Aug 06, 2026 10:00 pm IST

सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश के साथ केतु की युति होने से ग्रहण योग बनेगा। सूर्य और केतु की यह युति 3 राशि के जातकों के लिए कुछ कठिन परिस्थितियां पैदा कर सकती है। इस दौरान धन, स्वास्थ्य, रिश्तों और कार्यक्षेत्र में सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत होगी।

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सूर्य-केतु युति 3 राशियों के लिए अशुभ Image Source : PINTEREST

17 अगस्त 2026 को सूर्य स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे। इस दौरान सिंह राशि में सूर्य और केतु की युति से ग्रहण योग का निर्माण होगा। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य और केतु का अशुभ प्रभाव कुछ राशियों पर चुनौतीपूर्ण रह सकता है। इन जातकों को जीवन के कई मोर्चे पर सावधानी बरतनी होगी। जानें किन 3 राशियों को इस दौरान सबसे ज्यादा सतर्क रहना होगा।

सूर्य-केतु की युति का क्या होता है प्रभाव?

ज्योतिष अनुसार, सूर्य-केतु की युति को शुभ नहीं माना जाता। यह व्यक्ति के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन को प्रभावित कर सकती है, जो कुंडली में ग्रहों की स्थिति, भाव और दृष्टि पर निर्भर करता है। ऐसे में जिनकी कुंडली में यह युति अशुभ फल दे रही हो, तो योग्य ज्योतिषी की सलाह लेकर सूर्य और केतु से जुड़े उपाय करना लाभकारी होता है।

ग्रहण योग 2026 का इन 3 राशियों पर अशुभ प्रभाव 

कन्या राशि

इन जातकों के लिए सूर्य और केतु की यह युति शुभ नहीं मानी जा रही है। यह युति आपकी राशि के बारहवें भाव में बनेगी। इस दौरान आर्थिक हानि होने की आशंका रहेगी। पारिवारिक जीवन में दिक्कतें आ सकती हैं। विदेशों से जुड़े कारोबार में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही मानसिक भ्रम और तनाव की स्थिति भी पैदा हो सकती है।

मकर राशि

यह युति आपके आठवें भाव में होने जा रही है, जिससे अचानक धन हानि होने की आशंका रहेगी। इस दौरान निवेश करने से बचना होगा। पिता के साथ अच्छा व्यवहार रखना चाहिए, क्योंकि सूर्य पिता के कारक माने जाते हैं। इस अवधि में उनके साथ मन-मुटाव की स्थिति बन सकती है। पैतृक कारोबार करने वालों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है, इसलिए सही प्लानिंग के साथ आगे बढ़ना जरूरी होगा। आठवां भाव दुर्घटनाओं का भी माना जाता है, इसलिए वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

मीन राशि

इन जातकों के लिए भी यह समय अच्छा नहीं रहेगा। यह युति इस राशि के छठे भाव में बनेगी। छठा भाव शत्रु का भाव माना जाता है, इसलिए विरोधी सक्रिय हो सकते हैं। ऑफिस में विशेष सावधानी बरतनी होगी। अगर नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले घर के बड़े-बुजुर्गों की सलाह लेना बेहतर रहेगा। छठा भाव रोग का भी कारक होता है, इसलिए इस दौरान अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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