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Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas 2025: गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस क्यों मनाया जाता है? यहां पढ़ें उनके अनमोल विचार

Guru Tegh Bahadur Shaheedi (Balidan) Diwas 2025: गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान दिवस सिख समुदाय ही नहीं बल्कि पूरे भारत में बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है। यह दिन गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान और शिक्षाओं को याद करने का है।

Written By: Laveena Sharma @laveena1693
Published : Nov 24, 2025 08:27 am IST, Updated : Nov 25, 2025 08:05 am IST
guru teg bahadur- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस कब है

Guru Tegh Bahadur Shaheedi (Balidan) Diwas 2025: गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस हर साल 24 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन सरकारी छुट्टी होती है। लेकिन इस साल उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बलिदान दिवस की छुट्टी 25 नवंबर को है। इस दिन लोग गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को याद करते हैं और उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं का स्मरण करते हैं। ये दिन सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च त्याग और आदर्शों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का प्रतीक है। यहां हम आपको बताएंगे शहीदी दिवस का इतिहास और गुरु तेग बहादुर जी के अनमोल विचार।

गुरु तेग बहादुर का बलिदान दिवस क्यों मनाया जाता है?

गुरु तेग बहादुर जी ने साल 1675 में दिल्ली में शहादत प्राप्त की थी। उन्होंने मुगल सम्राट औरंगजेब के धार्मिक उत्पीड़न का खुलकर विरोध किया था। औरंगजेब ने जब कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार करने शुरू किए तब गुरु तेग बहादुर जी ने उनकी रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया था।

गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस कैसे मनाया जाता है?

इस दिन गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन, अरदास, लंगर सेवा और सभाएं आयोजित की जाती हैं। लोग उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं। इस दिन दिल्ली के प्रसिद्ध गुरुद्वारे शीश गंज साहिब पर विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम होते हैं। जहां हजारों श्रद्धालु गुरुजी के शहादत स्थल पर माथा टेकते हैं।

गुरु तेग बहादुर जी के प्रेरणादायक विचार (Guru Tegh Bahadur Ji Quotes In Hindi)

  1. सुख और दुख, मान और अपमान में सभी में हमेशा एक समान जीवन जीना चाहिए। सभी जीवित प्राणियों का सम्मान करना और ध्यान रखना चाहिए।
  2. एक सच्चा धर्म हमें सभी के साथ अच्छा बर्ताव करना और समाज की सेवा करना सिखाता है।
  3. ईश्वर को कहीं और खोजने के बजाय, दिल के भीतर ढूंढना चाहिए। ईश्वर सभी में हैं और हर जगह मौजूद है, जैसा कि गुलाब की सुगंध और दर्पण में प्रतिबिंब होता है।
  4. जो व्यक्ति अपने घमंड को अपने वश में कर लेता है और ईश्वर को इस 'श्रृष्टि' का रक्षक मानता है, वहीं 'जीवन मुक्ति' प्राप्त करता है।
  5. हर प्राणी के प्रति मन में दया का भाव रखना चाहिए। घृणा और नफरत से केवल विनाश होता है।
  6. भय केवल हमारे दिमाग में होता है इसलिए उसे जीतने के लिए अपने मन को नियंत्रित करें। हार और जीत आपकी सोच पर निर्भर करती है, इसलिए आशावादी रहें।
  7. महान कार्य छोटे-छोटे कार्यों से बने होते हैं।
  8. सफलता कभी अंतिम नहीं होती, विफलता कभी घातक नहीं होती, इनमें जो मायने रखता है वो है साहस।
  9. जीवन किसी के साहस के अनुपात में सिमटता या विस्तृत होता है।
  10. एक सज्जन व्यक्ति वह है जो अनजाने में किसी की भावनाओ को ठेस ना पहुंचाएं।
  11. गलतियां हमेशा क्षमा की जा सकती हैं, यदि आपके पास उन्हें स्वीकारने का साहस हो।
  12. हार और जीत यह आपकी सोच पर ही निर्भर है, मान लो तो हार है ठान लो तो जीत है।

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