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सितंबर में कब है हरतालिका तीज? जानिए सही तिथि, व्रत के नियम और पूजा की संपूर्ण विधि

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Sep 02, 2026 11:16 am IST,  Updated : Sep 02, 2026 11:19 am IST

हरतालिका तीज का पावन पर्व भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। जानिए इस साल यह तीज कब मनाई जाएगी और इसकी पूजा विधि क्या है।

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हरतालिका तीज कब है Image Source : INDIA TV

हरतालिका तीज को बड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने सुहाग की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी से निर्मित मूर्तियों की पूजा होती है। आन्ध्र प्रदेश और तमिलनाडु में हरतालिका तीज को गौरी हब्बा के नाम से जाना जाता है। तीज का त्योहार मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड में मनाया जाता है और अमूमन ये पर्व गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले पड़ता है। लेकिन इस साल ये दोनों त्योहार एक ही दिन पड़ रहे हैं। ऐसा तृतीया तिथि और चतुर्थी तिथि के एक ही दिन रहने से हो रहा है। चलिए जानते हैं हरतालिका तीज की डेट, मुहूर्त और पूजा विधि।

हरतालिका तीज 2026 डेट

हरतालिका तीज का पावन पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:05 से 07:06 बजे तक रहेगा। 

हरतालिका तीज पूजा विधि

हरतालिका तीज की पूजा के लिए प्रातःकाल का समय बेहद उत्तम माना जाता है। लेकिन अगर सुबह पूजा कर पाना संभव नहीं है तब प्रदोष काल में पूजा की जा सकती है। तीज की पूजा से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद बालू से निर्मित भगवान शिव और देवी पार्वती की मूर्ति एक पीले वस्त्र पर स्थापित करें। फिर उसकी विधि विधान पूजा करें। पूजा के समय हरतालिका तीज की व्रत कथा भी जरूर सुनें। दिन भर निर्जला व्रत रहें और रात्रि जागरण करें। फिर अगले दिन सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और फिर शिव-पार्वती की विधि विधान पूजा करें। इसके बाद अपना व्रत खोल लें। 

हरतालिका तीज के नियम

  • इस व्रत में अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है। हालांकि बीमार या गर्भवती महिलाएं फलाहार ले सकती हैं।
  • व्रत की रात सोने से बचना चाहिए क्योंकि इस रात जागरण करने का विशेष महत्व माना जाता है।
  • तीज की रात मंदिर में अखंड दीया जलाना चाहिए।
  • महिलाओं को इस दिन 16 शृंगार करना चाहिए।  
  • धार्मिक मान्यता है कि अगर एक बार हरतालिका तीज का व्रत शुरू कर दिया जाए तो उसे बीच में छोड़ना नहीं चाहिए।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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