1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Holashtak 2026: होलाष्टक आज से शुरू, जानें अगले आठ दिनों तक क्या करना सही क्या कार्य हैं वर्जित

Holashtak 2026: होलाष्टक आज से शुरू, जानें अगले आठ दिनों तक क्या करना सही क्या कार्य हैं वर्जित

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Feb 24, 2026 07:18 am IST,  Updated : Feb 24, 2026 07:18 am IST

Holashtak 2026: होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी से हो चुकी है। होली से पहले के आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। इस अवधि में आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं इसके बारे में हम आपको जानकारी देंगे। साथ ही बताएंगे कि होलाष्टक को अशुभ समय क्यों माना जाता है।

Holashtak 2026- India TV Hindi
होलाष्टक 2026 Image Source : FREEPIK

Holashtak 2026: होलाष्टक की शुरुआत हर वर्ष फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होती है। साल 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू हो रहे हैं और 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के दिन खत्म होंगे। होली से पहले के आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है और शुभ कार्यों के लिए यह समय अच्छा नहीं होता। माना जाता है कि भगवान शिव ने एक बार क्रोध में आकर कामदेव को भस्म कर दिया था। इस वजह से पूरे संसार का संतुलन बिगड़ गया और सभी ग्रह उग्र अवस्था में आ गए थे। कामदेव जब भस्म हो गए थे वो होली के पहले के आठ दिन ही थे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तब से ही होलाष्टक मनाने की परंपरा शुरू हुई थी। आज भी होलाष्टक के दौरान शुभ कार्यों को करना वर्जित होता है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि होलाष्टक के आठ दिनों में क्या करना चाहिए और क्या नहीं। 

होलाष्टक में क्या न करें?

  • होलाष्टक में आपको कोई भी शुभ मांगलिक कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। 
  • होलाष्टक में विवाह, मुंडन, जनेऊ संस्कार करना सही नहीं माना जाता। 
  • इसके साथ ही वाहन, घर, जमीन आदि भी इस दौरान नहीं खरीदना चाहिए। 
  • सोने, चांदी और रत्न खरीदने से भी होलाष्टक में बचना चाहिए। 
  • होलाष्टक में यज्ञ, धार्मिक पूजन, हवन आदि पर भी रोक लग जाती है।
  • घर के निर्माण और गृह प्रवेश के लिए भी होलाष्टक की अवधि अच्छी नहीं मानी जाती। 
  • होलाष्टक में ग्रह उग्र हो जाते हैं इसलिए किसी भी ग्रह का यंत्र घर में स्थापित नहीं करना चाहिए। 

होलाष्टक में क्या करें?

  • होलाष्टक के आठ दिन आध्यात्मिक जागरण के लिए अच्छे माने जाते हैं। 
  • आपको होलाष्टक के दौरान मंत्रों का जप और ध्यान करने से लाभ मिलता है। 
  • भगवान शिव की आराधना अगर आप होलाष्टक के दौरान करते हैं तो नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। 
  • सभी 9 ग्रहों के मंत्रों का जप भी आप होलाष्टक में कर सकते हैं, इससे ग्रहों की उग्रता कम होती है। 
  • होलाष्टक में धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करने से आपको मानसिक शांति प्राप्त होती है। 
  • दान और समाज सेवा से जुड़े कार्य आप होली से पहले के आठ दिनों में कर सकते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:

चंद्रग्रहण और अंतिम होलाष्टक 3 मार्च को, इस दिन बेहद घातक होगा राहु का असर, जरूर बरतें ये सावधानियां

Shukraditya Rajyog 2026: सूर्य-शुक्र की युति करेगी धमाल, 15 मार्च से मिथुन समेत इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर में ग्रोथ और धन में होगी वृद्धि!

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।