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Holi 2025: होली के दिन अवश्य करें इस स्तोत्र का पाठ, भगवान कृष्ण प्रसन्न होकर दूर करेंगे सब दुख

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Mar 07, 2025 09:06 am IST,  Updated : Mar 07, 2025 09:17 am IST

Holi 2025: होली के दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी को प्रसन्न करने के लिए आपको किस स्तोत्र का पाठ करना चाहिए, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

Radha Krishna Stotram- India TV Hindi
राधा-कृष्ण स्तोत्रम Image Source : META AI

 Holi 2025: होली का त्योहार रंगोत्सव के साथ ही भगवान की आराधना के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होली मनाई जाती है और इस पुण्य तिथि पर अगर आप भगवान कृष्ण और राधा रानी की पूजा करते हैं तो आपके जीवन के सभी दुख दूर हो सकते हैं। राधा-कृष्ण की पूजा करने से प्रेम और वैवाहिक जीवन में आपको बेहद शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। राधा-कृष्ण की कृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन आपको श्री राधा कृष्ण अष्टकम का पाठ करना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, होली के दिन इस स्तोत्र का पाठ करना कल्याणकारी होता। इसका पाठ करने से आपके ऊपर भगवान कृष्ण का आशीर्वाद बरसता है। 

श्री राधा कृष्ण अष्टकम 

चथुर मुखाधि संस्थुथं, समास्थ स्थ्वथोनुथं।

हलौधधि सयुथं, नमामि रधिकधिपं॥
भकाधि दैथ्य कालकं, सगोपगोपिपलकं।
मनोहरसि थालकं, नमामि रधिकधिपं॥
सुरेन्द्र गर्व बन्जनं, विरिञ्चि मोह बन्जनं।
वृजङ्ग ननु रञ्जनं, नमामि रधिकधिपं॥
मयूर पिञ्च मण्डनं, गजेन्द्र दण्ड गन्दनं।
नृशंस कंस दण्डनं, नमामि रधिकधिपं॥
प्रदथ विप्रदरकं, सुधमधम कारकं।
सुरद्रुमपःअरकं, नमामि रधिकधिपं॥
दानन्जय जयपाहं, महा चमूक्षयवाहं।
इथमहव्यधपहम्, नमामि रधिकधिपं॥
मुनीन्द्र सप करणं, यदुप्रजप हरिणं।
धरभरवत्हरणं, नमामि रधिकधिपं॥
सुवृक्ष मूल सयिनं, मृगारि मोक्षधयिनं।
श्र्वकीयधमययिनम्, नमामि रधिकधिपं॥

वन्दे नवघनश्यामं पीतकौशेयवाससम्।
सानन्दं सुन्दरं शुद्धं श्रीकृष्णं प्रकृतेः परम्॥
राधेशं राधिकाप्राणवल्लभं वल्लवीसुतम्।
राधासेवितपादाब्जं राधावक्षस्थलस्थितम्॥
राधानुगं राधिकेष्टं राधापहृतमानसम्।
राधाधारं भवाधारं सर्वाधारं नमामि तम्॥
राधाहृत्पद्ममध्ये च वसन्तं सन्ततं शुभम्।
राधासहचरं शश्वत् राधाज्ञापरिपालकम्॥
ध्यायन्ते योगिनो योगान् सिद्धाः सिद्धेश्वराश्च यम्।
तं ध्यायेत् सततं शुद्धं भगवन्तं सनातनम्॥
निर्लिप्तं च निरीहं च परमात्मानमीश्वरम्।
नित्यं सत्यं च परमं भगवन्तं सनातनम्॥
यः सृष्टेरादिभूतं च सर्वबीजं परात्परम्।
योगिनस्तं प्रपद्यन्ते भगवन्तं सनातनम्॥
बीजं नानावताराणां सर्वकारणकारणम्।
वेदवेद्यं वेदबीजं वेदकारणकारणम्॥
योगिनस्तं प्रपद्यन्ते भगवन्तं सनातनम्।
गन्धर्वेण कृतं स्तोत्रं यः पठेत् प्रयतः शुचिः।
इहैव जीवन्मुक्तश्च परं याति परां गतिम्॥
हरिभक्तिं हरेर्दास्यं गोलोकं च निरामयम्।
पार्षदप्रवरत्वं च लभते नात्र संशयः॥

कैसे करें स्तोत्र का पाठ 

होली मनाने से पूर्व आपको श्री राधा कृष्ण अष्टकम का पाठ करना चाहिए। सुबह स्नान-ध्यान के बाद पूजा स्थल पर राधा-कृष्ण की प्रतिमा या तस्वीर आपको स्थापित करनी चाहिए। इसके बाद धूप-दीप दिखाकर पूजा आरंभ करनी चाहिए। पूजा में फूल, फल, माखन-मिश्री आदि आपको अर्पित करना चाहिए। इसके बाद श्री राधा कृष्ण स्तोत्रम का पाठ करना चाहिए। पूजा के अंत में श्री कृष्ण की आरती के बाद सबसे पहले होली का रंग भगवान कृष्ण को अर्पित करना चाहिए। इसके बाद अपनी मनोकामना भगवान कृष्ण और राधा रानी को बतानी चाहिए। पूजा समाप्ति के बाद प्रसाद का वितरण परिवार के लोगों में करें। होली के दिन श्री राधा कृष्ण अष्टकम का पाठ करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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