Raviwar Surya Dev Puja: हिंदू धर्म में रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर है उन्हें आज के दिन भगवान भास्कर की विशेष रूप से पूजा-अर्चना करना चाहिए। ऐसा करने से आत्मविश्वास की कमी दूर होती है। इसके साथ ही कार्यों में सफलता भी प्राप्त होती है। रविवार के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ ही आदित्य हृदय स्त्रोत पाठ भी जरूर करें। हृदय स्त्रोत का पाठ करने से व्यक्ति को कई तरह के लाभ मिलते हैं। तो आइए आज जानते हैं राशि के अनुसार आज सूर्य देव की पूजा कैसे करनी चाहिए।
राशि अनुसार आज करें ये विशेष उपाय
मेष, सिंह और धनु राशि
मेष, सिंह और धनु ये तीनों राशि अग्नि तत्व की मानी जाती है। इन राशियों के स्वामी सूर्य है। ऐसे में इन राशियों के जातक आज यानी रविवार को सूर्य देव को जल अर्पित करें। जल में लाल चंदन और फूल डालें। साथ ही 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। इस उपाय को करने से आत्मविश्वास में वृद्धि आएगी और हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी।
वृषभ, कन्या और मकर राशि
वृषभ, कन्या और मकर राशि ये तीनों पृथ्वी तत्व की राशियां हैं। इन राशियों को व्यावहारिक, स्थिर, विश्वसनीय और मेहनती माना जाता है। आर्थिक स्थिरता और करियर में उन्नति के लिए के इन राशियों के जातक आज जल में थोड़े से सफेद तिल मिलाकर सूर्य देव अर्घ्य दें और 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' का जाप करें। साथ ही पूजा के बाद किसी जरूरतमंद को गुड़ का दान करें।
मिथुन, तुला और कुंभ राशि
मिथुन, तुला और कुंभ राशि वायु तत्व की राशियां है। आज के दिन इन राशियों के जातकों को सूर्य देव को जल अर्पित करने के बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ कम से कम 3 बार जरूर करना चाहिए। इस उपाय को करने से मानसिक शांति और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होता है। इन राशि के जातकों को आज नीले या काले रंग के वस्त्र पहनने से बचना चाहिए।
कर्क, वृश्चिक और मीन राशि
कर्क, वृश्चिक और मीन राशि जल तत्व की राशियां हैं। इन राशियों के जातक आज तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़ा सा केसर या हल्दी मिलाएं और सूर्य को अर्घ्य दें। साथ ही संभव हो तो आज तांबे का कोई छोटा बर्तन मंदिर में दान करें। आज के दिन इस उपाय को करने से परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें:
Adhik Maas 2026: इस दिन से शुरू होगा अधिक मास, जानें इस महीने में क्या करना चाहिए और क्या नहीं?