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करवा चौथ 2026: 29 या 30 अक्टूबर? तिथि को लेकर न हों कंफ्यूज, जानें इस व्रत की सही डेट और 5 जरूरी नियम

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Oct 22, 2026 01:58 pm IST,  Updated : Oct 22, 2026 01:59 pm IST

करवा चौथ सुहागिन महिलाओं का एक प्रमुख त्योहार है जो प्रत्येक वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इसे करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। जानिए इस साल करवा चौथ का व्रत कब रखा जाएगा और इसके जरूरी नियम क्या हैं।

karva chauth 2026- India TV Hindi
करवा चौथ 2026 Image Source : INDIA TV

पंचांग अनुसार करवा चौथ का व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की वक्रतुण्ड संकष्टी के दिन पड़ता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक रखा जाता है और शाम में शुभ मुहूर्त में विधि विधान पूजा करके इसकी पावन कथा सुनी जाती है। इस व्रत में करवा माता और शिव परिवार की पूजा का विधान है। साथ ही रात में चंद्र देव की पूजा की जाती है। कहते हैं अगर एक बार ये व्रत शुरू कर दिया जाए तो फिर हर साल इसे विधि विधान से करना चाहिए। करवा चौथ के 4 दिन बाद अहोई अष्टमी व्रत रखा जाता है। चलिए जानते हैं इस साल करवा चौथ का व्रत कब है और इस व्रत के जरूरी नियम क्या हैं।

करवा चौथ 2026: 29 या 30 अक्टूबर? जानें सही तिथि

  • करवा चौथ - 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार
  • करवा चौथ पूजा मुहूर्त - 05:38 PM से 06:56 PM
  • करवा चौथ व्रत समय - 06:31 AM से 08:17 PM
  • करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय - 08:17 PM
  • चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 29 अक्टूबर 2026 को 01:06 AM बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त - 29 अक्टूबर 2026 को 10:09 PM बजे

करवा चौथ व्रत के 5 जरूरी नियम 

  1. सरगी का सेवन - करवा चौथ व्रत की शुरुआत सुबह सरगी के साथ होती है। ये इस व्रत का एक बेहद जरूरी नियम है। करवा चौथ की सरगी ज्यादातर सास द्वारा बहू को दी जाती है। सूर्योदय से पहले लगभग 4 से 5 बजे के बीच सरगी का सेवन किया जाता है। सरगी में मुख्य रूप से फल, मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, सेवई, फेनी और नारियल पानी इत्यादि चीजें शामिल होती हैं। 
  2. निर्जला व्रत - यह व्रत पूर्णतः निर्जला रखा जाता है। सूर्योदय के बाद से लेकर रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने तक पानी की एक भी बूंद ग्रहण नहीं की जाती है। लेकिन जिन महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें हैं वो इस तरह का कठोर व्रत रखने से बचें या फिर इस व्रत को बिना पानी पिए न रखें।
  3. 16 श्रृंगार - करवा चौथ के दिन महिलाओं को 16 श्रृंगार जरूर करना चाहिए। इस दिन लाल, गुलाबी, मैरून या पीले रंग के वस्त्र पहनना बेहद शुभ माना जाता है।
  4. करवा माता की कथा - करवा चौथ की कथा जरूर सुननी चाहिए कहते हैं इसके बिना व्रत पूरा नहीं माना जाता। साथ ही कथा सुनते समय हाथ में गेहूं या चावल के दाने और करवा रखें। 
  5. छलनी से चंद्र दर्शन और पति के हाथों जल ग्रहण - करवा चौथ के दिन चांद निकलने पर छलनी में दीपक रखकर पहले चंद्रमा के दर्शन करने चाहिए फिर उन्हें अर्घ्य अर्पित करें। इसके बाद उसी छलनी से अपने पति को देखें। अंत में पति के हाथों जल पीकर और मिठाई खाकर अपना उपवास खोलें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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