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Kedarnath Yatra Niyam: केदारनाथ यात्रा में न करें ये 5 बड़ी गलतियां, वरना बाबा दर्शन के बाद भी नहीं मिलेगा पुण्य लाभ

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Apr 22, 2026 02:59 pm IST,  Updated : Apr 22, 2026 02:59 pm IST

Kedarnath Yatra Niyam: केदारनाथ यात्रा को लेकर इस बार कुछ खास नियम और सावधानियां लागू की गई हैं, जिनका हर श्रद्धालु को पालन करना जरूरी है। छोटी-छोटी गलतियां भी इस पवित्र यात्रा के अनुभव और उसके महत्व को प्रभावित कर सकती हैं। जानिए केदारनाथ यात्रा के दौरान कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए।

Kedarnath- India TV Hindi
केदारनाथ यात्रा में न करें ये 5 बड़ी गलतियां Image Source : PTI

Kedarnath Yatra Niyam: केदारनाथ धाम की यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आस्था, अनुशासन और मर्यादा की परीक्षा भी मानी जाती है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए हिमालय की कठिन यात्रा पर निकलते हैं, लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियां इस पुण्य यात्रा के फल को प्रभावित कर देती हैं।

प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा कुछ जरूरी नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करना हर यात्री के लिए अनिवार्य है। यहां जानिए उन गलतियों के बारे में जो आपको इस पावन यात्रा के दौरान भूलकर भी नहीं करना चाहिए, वरना आप इस कठिन यात्रा में शामिल होने का पुण्य लाभ और बाबा केदार का आशीर्वाद पाने से वंचित रह सकते हैं।

केदारनाथ यात्रा में भूलकर भी न करें ये गलतियां

रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है

सबसे पहले तो आपको बता दें कि इस पावन यात्रा पर जाने के लिए आपका रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। जो आप ऑनलाइन या ऑनलाइन दोनों तरीके से करवा सकते हैं। उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी यात्रा रजिस्ट्रेशन (Yatra Card) के बिना केदारनाथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जाती। बिना रजिस्ट्रेशन श्रद्धालुओं को प्रवेश से रोका जा सकता है।

मोबाइल और वीडियो पर सख्त रोक

मंदिर परिसर और गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। साथ ही रील या वीडियो बनाना भी सख्ती से मना है। ऐसा करना धार्मिक मर्यादा के खिलाफ माना जाता है।

धार्मिक पवित्रता के नियम

इस वर्ष नियम और कड़े किए गए हैं, जिसके तहत गैर-हिंदू या गैर-सनातनी श्रद्धालुओं के लिए विशेष शपथ पत्र की आवश्यकता हो सकती है। धाम की पवित्रता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।

नशा और मांसाहार पूरी तरह वर्जित

केदारनाथ क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नशा, शराब या मांसाहार करना सख्त मना है। इसे धार्मिक नियमों के साथ-साथ प्रकृति के प्रति अनादर भी माना जाता है।

ट्रेकिंग में सावधानी जरूरी

गौरीकुंड से केदारनाथ तक रात के समय पैदल यात्रा करना सुरक्षित नहीं माना जाता। जंगली जानवरों और फिसलन भरे रास्तों के कारण खतरा बढ़ जाता है, इसलिए दिन में ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है। इस बात को विशेष तौर पर गांठ बांध लें, वरना किसी भी तरह की लापरवाही आपके लिए ज्यादा तकलीफ देह साबित हो सकती है। 

अन्य महत्वपूर्ण सावधानियां

बाबा के दर्शनों के दौरान जल्दबाजी, धक्का-मुक्की या गर्भगृह में सेल्फी लेना अनुचित माना जाता है। मर्यादित वस्त्र पहनना, प्लास्टिक का उपयोग न करना और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना भी बेहद जरूरी है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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