1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Magh Mela 2026: माघ मेले में पवित्र डुबकी लगाने के साथ ही जरूर करें ये 4 काम, वरना अधूरी रह जाएगी धार्मिक यात्रा

Magh Mela 2026: माघ मेले में पवित्र डुबकी लगाने के साथ ही जरूर करें ये 4 काम, वरना अधूरी रह जाएगी धार्मिक यात्रा

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Dec 22, 2025 07:15 pm IST,  Updated : Dec 22, 2025 07:15 pm IST

Magh Mela 2026: माघ मेला साल 2026 में 3 जनवरी से शुरू होगा और 44 दिनों तक चलेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे। डुबकी लगाने के साथ ही कुछ अन्य धार्मिक कार्य भी आपको प्रयागराज में अवश्य करने चाहिए, आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देंगे।

Magh Mela 2026- India TV Hindi
माघ मेला 2026 Image Source : PTI

Magh Mela 2026: माघ मेला हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों का प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान है। हर वर्ष पौष पूर्णिमा से इसकी शुरुआत होती है और महाशिवरात्रि तक यह चलता है। साल 2026 में 3 जनवरी से माघ मेले की शुरुआत होगी। माघ मेले का समापन 15 फरवरी के दिन होगा। इन 44 दिनों के दौरान बड़ी संख्या में भक्त प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करेंगे। स्नान के साथ ही कुछ अन्य कार्य भी तीर्थयात्रियों को अवश्य करने चाहिए तभी यात्रा का पूर्ण फल आपको प्राप्त होता है। आज हम आपको इन्हीं कार्यों के बारे में जानकारी देंगे। 

पवित्र स्नान 

माघ मेले में हिस्सा लेने वाले सभी भक्त त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करते हैं। यहां किया गया स्नान आपके सभी पाप धो सकता है और आपको आध्यात्मिक उन्नति मिलती है। माघ मेले के दौरान पूर्णिमा तिथियों का स्नान, मौनी अमावस्या का स्नान, बसंत पंचमी का स्नान और महाशिवरात्रि का स्नान बेहद खास माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ मेले में जो त्रिवेणी संगम में स्नान करता है उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। हालांकि, स्नान के साथ ही तीर्थयात्रियों को नीचे बताए गए कार्य भी करने चाहिए। 

कल्पवास

माघ मेले के दौरान कल्पवास किया जाता है। कल्पवास में भक्त नदी के किनारे रहते हैं और उपवास, तपस्या, मंत्र जप आदि करते हैं। ऐसा करने से उनकी आत्मिक शुद्धि होती है। कल्पवास पूरे एक महीने का होता है। अगर आपके पास समय नहीं है तो कुछ दिनों के लिए भी आप कल्पवास कर सकते हैं। कल्पवास के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है और सांसारिक सुख को त्याग दिया जाता है। इस दौरान शाकाहारी भोजन ही आपको करना चाहिए। कल्पवास एक कठोर प्रक्रिया है लेकिन कल्पवास करने वाले व्यक्ति को अत्यंत शुभ फलों की प्राप्त होती है और आध्यात्मिक ज्ञान व्यक्ति को प्राप्त होता है। 

आध्यात्मिक प्रवचन

माघ मेले के दौरान कई साधु-संत प्रवचन देते हैं। आपको इन प्रवचनों को सुनना चाहिए इससे आपको ज्ञान की प्राप्ति होती है और मन का अंधकार दूर होता है। अगर प्रवचन ना भी सुन पाएं तो माघ मेले के दौरान धार्मिक पुस्तकें खरीदकर उनका अध्ययन भी आप कर सकते हैं। माघ मेले में किसी संत से आपकी मुलाकात हो तो उनसे आध्यात्मिक ज्ञान लेने की जरूर कोशिश करें। माना जाता है कि धार्मिक स्थलों पर साधु संतों से लिया गया ज्ञान आजीवन आपके काम आ सकता है। 

योग-ध्यान

माघ मेले में शामिल होने वाले भक्तों को कुछ समय एकांत में रहकर योग और ध्यान का अभ्यास भी अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा आपको प्राप्त होती है और सत्य का दीपक आपके मन में प्रज्वलित होता है। साथ ही आपके एकाग्रता में भी वृद्धि होती है। 

दान और मंदिरों के दर्शन

प्रयागराज में होने वाले माघ मेले के दौरान आपको डुबकी लगाने के साथ ही प्रयागराज में स्थिति मंदिरों के दर्शन भी अवश्य करने चाहिए। ऐसा करने से आपको ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही यथासंभव दान भी आपको करना चाहिए ऐसा करने से आपको आत्मिक सुख तो मिलता ही है साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी आप प्राप्त करते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

2026 की शुरुआत में राक्षस ग्रह के नक्षत्र में रहेंगे बुध, ये 3 राशियां शिक्षा और करियर क्षेत्र को लेकर रहें सावधान

Shani-Guru Maha Sanyog 2026: नए साल में गुरु-शनि का दुर्लभ संयोग! 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, शुरू होगा गोल्डन फेज

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।