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Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के दिन रात्रि पूजन की विधि और जागरण करने का लाभ

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Feb 26, 2025 07:56 am IST,  Updated : Feb 26, 2025 07:56 am IST

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के दिन रात में पूजा करने का महत्व बहुत अधिक है। इस दिन किस विधि से आपको पूजा करनी चाहिए, आइए जानते हैं।

Mahashivratri 2025- India TV Hindi
महाशिवरात्रि 2025 Image Source : INDIA TV

Mahashivratri 2025: हाशिवरात्रि पर रात्रि पूजन का महत्व बहुत अधिक है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। वहीं कुछ विद्वानों का कहना है कि इस दिन ज्योतिर्लिंग प्रकट हुआ था इसलिए भी महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा की जाती है। वजह कोई भी हो लेकिन महाशिवरात्रि पर रात के समय पूजन करना बेहद शुभ होता है। इस दिन किस विधि से रात्रि में आपको पूजा करनी चाहिए, आइए जानते हैं। 

रात्रि पूजन का स्थान 

घर के मंदिर में या किसी पवित्र स्थान पर रात्रि पूजन के लिए भगवान शिव का चित्र या शिवलिंग स्थापित आपको करना चाहिए। इसके बाद पूजा के लिए लकड़ी चौकी आपको बिछानी चाहिए। इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल से आपको अभिषेक करना चाहिए। अभिषेक करते समय आप दूध, दही, शहद, घी, चीनी भी शिवलिंग पर अर्पित कर सकते हैं। इसके साथ ही भगवान शिव के प्रिय बेलपत्र, भांग-धतूरा, आक के फूल आदि भी आप अर्पित कर सकते हैं। तत्पश्चात धूप-दीप जलाकर आपको भगवान शिव के मंत्रों का जप, शिव चालीसा आदि का पाठ करना चाहिए। महाशिवरात्रि की रात में जागरण करते हुए आपको “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करना चाहिए। इसके साथ ही भजन कीर्तन भी आप कर सकते हैं। 

रात्रि के अंतिम प्रहर की पूजा

शिवरात्रि की रात में जागरण करते हुए रात के अंतिम प्रहर (3 से 6 बजे के बीच) की पूजा भी आपको अवश्य करनी चाहिए। इस दौरान अंतिम बार गंगाजल, फूल, प्रसाद आदिर शिवलिंग पर आप अर्पित कर सकते हैं। वहीं अंतिम प्रहर की पूजा में शिव जी की आरती का पाठ भी अवश्य करें। 

व्रत रखा है तो इस समय करें पारण 

रात्रि की अंतिम प्रहर की पूजा के बाद सुबह के समय आप शिवरात्रि के व्रत का पारण कर सकते हैं। इसके बाद लोगों में प्रसाद वितरित करके आपको खुद भी इसका सेवन करना चाहिए। साथ ही शिवरात्रि व्रत के पारण के बाद आप भोजन भी कर दान भी कर सकते हैं। 

शिवरात्रि के दिन जागरण करने का महत्व 

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार महाशिवरात्रि पर रात के समय जागरण करने से व्यक्ति को शिव कृपा प्राप्त होती है। वहीं भक्तों को ज्ञान और विवेक भी रात्रि जागरण से मिलता है। आदियोगी शिव की रात्रि साधना करने से आध्यात्मिक उन्नति भी भक्त पाते हैं और अंत समय में उन्हें सद्गति भी प्राप्त होती है। रात्रि के समय जागरण करने का महत्व इसलिए भी है कि, रात में एकांत अधिक होता है जिससे साधना करने में आसानी होती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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