1. Hindi News
  2. धर्म
  3. 12 अगस्त को लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण, गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान, भूलकर भी न करें ये गलतियां

12 अगस्त को लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण, गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान, भूलकर भी न करें ये गलतियां

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Aug 11, 2026 07:20 pm IST,  Updated : Aug 11, 2026 07:20 pm IST

हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को शुभ नहीं माना गया है। इस दौरान कई कार्यों को करने की मनाही होती है। वहीं ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को इन कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।

सूर्य ग्रहण 2026- India TV Hindi
सूर्य ग्रहण 2026 Image Source : PEXELS

अगस्त 2026 को इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। हिंदू धर्म में ग्रहण को अशुभ समय माना गया है। इस दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से सावधानी बरतनी की जरूरत होती है। धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे पर इसका अशुभ असर पड़ सकता है। आपको बता दें कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। लेकिन मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय इन बातों का जरूर ध्यान रखना पड़ता है।

गर्भवती महिलाओं ग्रहण के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • गर्भवती महिलाओं ग्रहण के समय बाहर न निकलें और न ही सीधे आसमान की तरफ देखें। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं घर के अंदर ही रहें। 

  • ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं सिलाई, कपड़ा काटना और सुई में धागा डालने जैसे कार्य बिल्कुल भी न करें।

  • ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाएं चाकू, कैंची, सुई, ब्लेड या किसी भी तरह की धारदार/नुकीली वस्तुओं का प्रयोग नहीं करें।

  • गर्भवती महिलाएं सूर्य ग्रहण के समय कुछ काटना, छीलना या कुछ छौंकना या बघारना जैसे काम भूलकर भी न करें। 

  • ग्रहण के समय मंदिर में पूजा-पाठ या दीपक भी नहीं जलाएं।

ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं क्या करें?

  • सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं मन ही मन भगवान का ध्यान करें।
  • सूर्य मंत्रों का तेज आवाज में उच्चारण  करें। मंत्र इस प्रकार है- 'ॐ ह्रां ह्रीं हौं स: सूर्याय नम:', 'ऊँ घृणिः सूर्याय नमः'।
  • इसके अलावा ग्रहण के दौरान 'गायत्री मंत्र', 'महामृत्युंजय मंत्र' या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करें।
  • ग्रहण के बाद गर्भवती महिलाएं स्नान जरूर करें।
  • अपने सामर्थ्य अनुसार किसी जरूरतमंद को अनाज, तिल या वस्त्र का दान करें।

कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण

भारतीय समय के अनुसार इस ग्रहण का स्पर्शकाल बुधवार को रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगा, जबकि इसका मोक्ष काल  देर रात 1 बजकर 28 मिनट पर होगा। अतः इस ग्रहण का कुल पर्वकाल 4 घंटे 24 मिनट का रहेगा।  यह सूर्यग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। इस साल का दूसरा ग्रहण पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैण्ड, उत्तरी-अटलांटिक महासागर और उत्तरी प्रशांत महासागर में दिखाई देगा।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

हरियाली अमावस्या कल, इस मुहूर्त में करें स्नान-दान, दूर होगा पितृ दोष और पूर्वजों का मिलेगा आशीर्वाद

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।