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जुलाई की इस तारीख तक रहेगी सिंह राशि में मंगल-केतु की खतरनाक युति, 1 महीने तक अलर्ट रहें ये 4 राशियां

 Published : Jun 30, 2025 01:18 pm IST,  Updated : Jun 30, 2025 01:18 pm IST

जुलाई में मंगल कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जहां केतु के साथ बेहद खतरनाक युति का निर्माण होगा, जो कई राशियों के लिए असंतुलन पैदा कर देगा।

मंगल-केतु की युति- India TV Hindi
मंगल-केतु की युति Image Source : INDIA TV

ज्योतिष शास्त्र में किसी भी ग्रह का चाल बदलना बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। साथ ही इस बदलती चाल का प्रभाव सभी जीवों पर पड़ता है। 7 जुलाई से मंगल सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं जहां केतु पहले से ही विराजमान है। दोनों मिलकर खतरनाक युति बना रहे हैं, जो 28 जुलाई तक रहेगी। मंगल ग्रह को ऊर्जा, भाई, शक्ति, साहस, पराक्रम और शौर्य का कारक माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रहों के सेनानायक हैं, जबकि केतु को छाया ग्रह कहा जाता है। दोनों की युति सभी राशियों पर कोई न कोई प्रभाव जरूर डालेंगी, लेकिन सबसे बुरा प्रभाव इन राशियों पर दिखेगा।

मेष राशि

मंगल केतु की यह युति मेष राशि के पंचम भाव में बन रही है। चूंकि यह भाव प्रेम, संतान और भावनाओं का होता। ऐसे में इन राशि वालों को संतान से जुड़ी चिंता हो सकती है। साथ ही प्रेम जीवन में तनाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान आप अपने भावनाओं पर भी काबू रखें।

सिंह राशि

मंगल और केतु की युति सिंह के प्रथम भाव में बन रही है। प्रथम भाव मन, मानसिकता, सामाजिक जीवन और वैवाहिक जीवन का होता है। इस युति के कारण जातक का मन किसी न किसी चीज को लेकर विचलित रहेगा। उसकी मानसिक शांति छिन्न-भिन्न हो सकती है। साथ ही सामाजिक और वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

कन्या राशि

यह युति कन्या के 12वें भाव में बन रहा है। चूंकि 12वां भाव विदेशी कंपनी या विदेश नौकरी, विदेशी कारोबार, शरीर के बाएं अंग, मृत्यु और हानि का भाव है। इस युति के कारण विदेश या विदेशी कंपनी नौकरी करने वालों की नौकरी जा सकती है या नौकरी के दौरान बॉस से लड़ाई हो सकती है। शरीर के बाएं अंगों में कोई न कोई बीमारी हो सकती है। इन जातकों को बचकर रहना होगा क्योंकि इस दौरान बड़ी दुर्घटना की संभावना है।

मकर राशि

यह युति इस राशि के अष्टम भाव में बन रहा है। चूंकि अष्टम भाव को आकस्मिक परिवर्तन, दुर्घटना, आयु और उदर से निचले अंगों का भाव माना गया है। ऐसे में इस युति के कारण इस राशि के जातकों को अचानक से किसी विदेश यात्रा पर जाना पड़ सकता है। जातकों को सर्तक रहने की जरूरत है क्योंकि बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। वहीं, शरीर के निचले अंगों में दर्द की समस्या आ सकती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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