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कुंडली में मंगल कमजोर है? पहनें मूंगा और देखें किस्मत का कमाल, कोरल जेमस्टोन जगाएगा सोई किस्मत

Benefits of Wearing Moonga: ज्योतिष शास्त्र में मूंगा रत्न का संबंध मंगल ग्रह से बताया गया है। सही विधि और समय पर इसे धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सफलता, आत्मविश्वास और समृद्धि आती है। लेकिन इसे बिना ज्योतिषीय सलाह के पहनना नुकसानदेह भी हो सकता है।

Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
Published : Nov 11, 2025 02:12 pm IST, Updated : Nov 11, 2025 02:12 pm IST
Moonga Stone Benefits- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK मूंगा पहनने के फायदे

Benefits of Wearing Moonga: हिंदू धर्म में रत्नों की बहुत अहमियत बताई गई है। नीलम, पुखराज, मोती, हीरा, पायराइट, रूबी, गोमेद, लहसुनिया आदि तरह-तरह के रंगों में पाए जाने वाले इन खूबसूरत रत्नों को पहनने का प्रभाव भी अलग-अलग जगह चीजों पर करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। अगर मंगल की स्थिति कमजोर हो तो जीवन में कई अड़चनें आती हैं। ऐसे में मूंगा रत्न को धारण करना बेहद शुभ माना जाता है। यह रत्न मंगल ग्रह की ऊर्जा को संतुलित करता है और पहनने वाले को आत्मविश्वासी, साहसी और सफल बनाता है।

मंगल ग्रह से जुड़ा है मूंगा रत्न

मूंगा (Coral) रत्न को ज्योतिष में मंगल ग्रह का प्रतीक माना गया है। कहा जाता है कि जिसकी कुंडली में मंगल मजबूत हो, उसके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं, कमजोर मंगल व्यक्ति को संघर्ष, तनाव और असफलता की ओर धकेल सकता है। मूंगा धारण करने से ये दोष कम होते हैं और व्यक्ति के जीवन में शुभ परिणाम आने लगते हैं।

कौन से जातक पहन सकते हैं मूंगा?

जिनकी राशि मेष या वृश्चिक है, या जिनका लग्न सिंह, धनु या मीन हो, वे मूंगा पहन सकते हैं। अगर किसी की कुंडली में मांगलिक दोष है तो मूंगा धारण करने से इसका असर कम हो जाता है। वहीं, जिन लोगों में आत्मविश्वास की कमी है या जो जल्दी डर जाते हैं, उन्हें भी ज्योतिषी की सलाह से मूंगा पहनना चाहिए।

मूंगा पहनने से मिलने वाले फायदे

मूंगा पहनने से व्यक्ति के अंदर साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है। कहा जाता है कि यह रत्न पहनने वाले को निर्णय लेने की क्षमता देता है। छात्रों के लिए, खासकर जो मेडिकल या डिफेंस सेक्टर से जुड़े हैं, मूंगा काफी लाभकारी माना गया है। यह व्यक्ति को मानसिक अवसाद से बाहर निकालने में भी मदद करता है।

कैसे पहचानें असली मूंगा?

मूंगा बाकी रत्नों की तुलना में ज्यादा चिकना और चमकदार होता है। इसे हाथ में लेने पर यह हल्का फिसलता है। असली मूंगा पर पानी की बूंदें ठहर जाती हैं, जबकि नकली मूंगा पर नहीं। मूंगा धारण करने के लगभग 21 दिनों बाद इसका असर दिखना शुरू होता है।

मूंगा धारण करने की सही विधि

मूंगा रत्न को सोने, चांदी या तांबे की अंगूठी में जड़वाकर पहना जाता है। इसे पहनने से पहले अंगूठी को कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध करें। मंगलवार के दिन सुबह से दोपहर के बीच इसे दाएं हाथ की अनामिका में धारण करें। महिलाएं इसे बाएं हाथ की अनामिका में पहन सकती हैं। ऐसा करने से मंगल का प्रभाव शुभ बनता है और जीवन में उन्नति के अवसर बढ़ते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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