Margashirsha Month Mantra: सनातन धर्म में मार्गशीर्ष महीना साल के सबसे पवित्र और शुभ महीनों में से एक माना गया है। ये महीना भगवान कृष्ण को भी अति प्रिय है। गीता में स्वयं श्रीकृष्ण भगवान ने कहा है कि “मासानां मार्गशीर्षोऽहम्” अर्थात् “मैं महीनों में मार्गशीर्ष हूं। कहा जाता है कि इस महीने में किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य, पूजा-पाठ और उपवास का फल कई गुना मिलता है। इस महीने में भगवान कृष्ण, विष्णु जी और लक्ष्मी माता की उपासना की जाती है। इसके अलावा इस पूरे महीने में कुछ खास मंत्रों का जाप करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। जानिए ये कौन से मंत्र हैं।
मार्गशीर्ष माह 2025 (Margashirsha Month 2025 Start And End Date)
मार्गशीर्ष महीने का आरंभ 06 नवंबर 2025 गुरुवार को होगा और इसकी समाप्ति 04 दिसंबर 2025 गुरुवार को होगी। फिर इसके बाद 10वां महीना पौष आरंभ हो जाएगा।
मार्गशीर्ष महीने के मंत्र (Margashirsha Month Mantra)
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
- “ॐ नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्”।
- ॐ नमः शिवाय
- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः
- ॐ पार्थाय प्रतिष्ठितं भगवता नारायणेन स्वयं
मार्गशीर्ष महीने में अगर आप इन मंत्रों का जाप करते हैं तो इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं होगी। साथ ही जीवन के सभी दुखों से मुक्ति मिल जाएगी।
मार्गशीर्ष महीने में इन बातों का रखें ध्यान
इस महीने में झूठ बोलने से बचें। किसी का दिल नहीं दुखाएं। मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज आदि का सेवन न करें। जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र का दान करें। सुबह और शाम भगवान श्रीकृष्ण, विष्णु और शिव की आराधना करें। मार्गशीर्ष में भगवद्गीता का अध्ययन करना भी बेहद शुभ होता है। कुल मिलाकर इस महीने में मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहने का प्रयास करें। इससे आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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