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सावन माह का पहला प्रदोष व्रत कब है? नोट कर लीजिए सटीक डेट और शुभ मुहूर्त

 Published : Aug 04, 2026 12:01 am IST,  Updated : Aug 04, 2026 12:01 am IST

इस साल सावन माह का पहला प्रदोष व्रत बहुत ही शुभ संयोग रखा जाएगा। तो यहां जानिए सावन प्रदोष व्रत की सही तारीख और के बारे में।

सावन प्रदोष व्रत 2026- India TV Hindi
सावन प्रदोष व्रत 2026 Image Source : PEXELS

भगवान शिव की भक्ति के लिए सावन का महीना अति उत्तम माना जाता है। ऐसे में इस माह में आने वाले सोमवार और मासिक शिवरात्रि के साथ ही प्रदोष व्रत का महत्व भी अधिक बढ़ जाता है। प्रदोष के दिन व्रत रखकर भोलनाथ की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत करने से महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आपको बता दें कि प्रदोष का दिन सप्ताह के जिस वार में पड़ता है उसका नाम उसी हिसाब से रखा जाता है। सावन का पहला प्रदोष व्रत सोमवार के दिन रखा जाएगा इसलिए इसे सोम प्रदोष कहेंगे। तो चलिए जानते हैं कि सावन माह का पहला प्रदोष व्रत कब है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

सावन 2026 का पहला प्रदोष कब है?

सावन माह का पहला प्रदोष व्रत 10 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। इस दिन सावन का दूसरा सोमवार भी रहेगा। सोम प्रदोष और सावन सोमवार का महासंयोग भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा। ऐसे में इस दिन व्रत और पूजा-अर्चना करने से जातक को सोमवार और प्रदोष व्रत दोनों का एक साथ पुण्य फल प्राप्त होगा।

सावन 2026 पहला प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 10 अगस्त को सुबह 8 बजे से होगा। त्रयोदशी तिथि का समापन 11 अगस्त 2026 को भोर 4 बजकर 54 मिनट पर होगा। सावन प्रदोष व्रत के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 9 मिनट से रात 9 बजकर 23 मिनट पर होगा। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 49 मिनट से सुबह 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से दोपहर 1 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। 

सोम प्रदोष व्रत का महत्व

सोम प्रदोष का व्रत मानसिक शांति, वैवाहिक सुख और पारिवारिक समृद्धि के लिए अति उत्तम माना जाता है। विधिपूर्वक इस व्रत को करने से भगवान शिव की कृपा से मनोवांछित फल प्राप्त होता है। दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य एवं मधुरता की वृद्धि होती है। इसके अलावा अगर आपकी कुंडली में चंद्र दोष है तो सोम प्रदोष का व्रत जरूर करें। ऐसा करने से आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होगी और चंद्र दोष भी दूर होगा।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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