साल 2025 संघर्ष और दुर्घटनाओं से भरा साल रहा यह कहना गलत नहीं होगा। इस साल भारत समेत वैश्विक स्तर पर कई ऐसी घटनाएं हुई जिन्होंने जान-माल का भारी नुकसान किया, इनमें हैदराबाद में हुआ प्लेन क्रैश मुख्य था। इसके साथ ही कई देशों के बीच युद्ध की स्थितियां भी इस साल पैदा हुईं। भारत और पाकिस्तान के बीच भी युद्ध होते-होते रुका। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं कि साल 2025 किन ग्रह स्थितियों के कारण अभिशप्त लगता है।
कौन से ग्रह हैं दुर्घटनाओं का जिम्मेदार?
साल 2025 की शुरुआत से अभी तक कई ऐसी दुर्घटनाएं हुई हैं जिन्होंने लोगों को परेशान किया है। फिर चाहे वो पहलगाम में हुआ आतंगी हमला हो, रूस-यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध हो, इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहा संघर्ष हो, अहमदाबाद में हुआ प्लेन क्रैश हो या अमेरिका के कैलिफोर्निया में 100,000 एकड़ क्षेत्र में लगी आग हो। ये तो वो दुर्घटनाएं हैं जिनपर लगभग हर व्यक्ति की नजर गई है, इसके अलावा भी सैकड़ों ऐसे वाकये हुए हैं जिन में जान-माल का नुकसान हुआ है। ऐसे में ज्योतिष दृष्टि से जान लेते हैं साल 2025 में होने वाली इन दुर्घटनाओं का कारण।
अतिचारी गुरु
साल 2025 के मई में गुरु ग्रह ने अतिचारी साल शुरू की थी। अतिचारी का अर्थ होता है जब कोई ग्रह अपनी सामान्य चाल से अधिक तेज गति से चलने लगता है। साल 2032 तक गुरु अतिचारी गति में ही रहेंगे। ज्योतिष में गुरु की अतिचारी गति अच्छी नहीं कही जाती। साथ ही इस साल मई माह के अंत में 6 ग्रह एक ही राशि में थे। मान्यताओं के अनुसार महाभारत के युद्ध के दौरान भी गुरु अतिचारी थे और 6 ग्रह एक ही राशि में बैठे थे। इसी कारण कुरुक्षेत्र में लाखों सैनिकों ने अपनी जान गंवाई थी। वहीं 2025 में गुरु के अतिचारी होने के बाद भी देश-दुनिया में कई दुर्घटनाएं हुईं। इस साल भारत-पाकिस्तान समेत, ईरान-इजरायल भी आपस में भीड़ गए थे।
मंगल-केतु की युति
मंगल और केतु ग्रह के बीच 7 से लेकर 28 जुलाई के बीच सिंह राशि में युति बनी थी। इस युति के 5 दिन बाद 12 जून 2025 को अहमदाबाद में प्लेन क्रैश हो गया था। जिसमें 241 लोगों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही इस बीच ईरान और इजराइल के बीच युद्ध की स्थिति भी पैदा हो गई थी। इस संघर्ष में भी कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो 2026 की शुरुआत में भी ग्रहों की ऐसी ही स्थिति बन बनेगी। यानि आने वाला समय भी चिंताजनक हो सकता है।
शनि वक्री
शनि ग्रह 13 जुलाई 2025 को वक्री हुए थे और 28 नवंबर तक वक्री अवस्था में ही रहेंगे। वक्री शनि पर इस साल मंगल की दृष्टि भी थी। एक ज्योतिषीय श्लोक है - मंगल शनिदृष्टौ यदा, रणे रुधिरवर्षणम्- इसका अर्थ है जब शनि, मंगल एक दूसरे पर दृष्टि डालते हैं तो युद्ध और हिंसा होती है खून बहता है। इस साल भी युद्ध की कई ऐसी स्थितियां बनीं जिसमें कई लोगों की मौत हुई। 28 नवंबर को शनि के मार्गी होने तक संघर्ष जारी रह सकते हैं, इस बीच वाहन दुर्घटना के भी संकेत मिल रहे हैं।
अतिचारी गुरु और वक्री शनि के कारण लगता है 2025 अभिशप्त?
गुरु की अतिचारी गति और शनि का वक्री होना काफी हद तक 2025 की दुखदायक घटनाओं और संघर्ष का कारण कहा जा सकता है। ये दोनों ही ग्रह ज्योतिष में बेहद महत्व पूर्ण हैं और दोनों ही विपरीत गति कर रहे हैं। इसलिए इन दोनों की स्थिति के चलते देश-दुनिया के साथ ही आम व्यक्ति को भी बुरे दौर से गुजरना पड़ा है। हालांकि साल के अंत में स्थितियां थोड़ी बेहतर होंगी क्योंकि शनि मार्गी हो जाएंगे।
2025 में अब क्या कुछ हो सकता है?
साल 2025 में नवंबर माह के अंत में 29 तारीख को शनि मार्गी होंगे वहीं 5 दिसंबर को अतिचारी गुरु मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे। शनि के मार्गी होने से अब कुछ बड़े नतीजे आ सकते हैं। कुछ नेताओं की गिरफ्तारी हो सकती है। युद्ध का नतीजा निकल सकता है। हालांकि अतिचारी गुरु के कारण धार्मिक उन्माद जन्म ले सकता है। कुछ लोग धर्म के नाम पर जहर फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। वैश्विक स्तर पर कुछ आपदाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं। यानि अतिचारी गुरु के कारण अब भी स्थिति गंभीर बनी रहेगी।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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